नैनीताल। डॉ. राजेंद्र प्रसाद विधि संस्थान, कुमाऊं विश्वविद्यालय में नशा पीड़ितों को कानूनी सहायता और पुनर्वास प्रदान करने के साथ ही समाज में नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर नशा दुरुपयोग और कल्याण नेविगेशन योजना पर आधारित था।
मंगलवार को उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशानुसार और जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के निर्देशन में आयोजित शिविर का आयोजन सिविल जज सीडि. पारुल थपलियाल ने एसडीएम और पुलिस के साथ मिलकर किया। उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक ने छात्रों को नशा उन्मूलन की जानकारी दी और कॅरिअर परामर्श पर अनुभव साझा किए। शिविर में छात्रों को एनडीपीएस अधिनियम के बारे में बताया गया जो उत्तराखंड में नशीले और मनोरोगी पदार्थों के व्यापार, उत्पादन और उपयोग को नियंत्रित करता है। एसआई मो. यूसुफ ने नैनीताल में मिलने वाले मादक पदार्थों और युवा पीढ़ी पर उनके प्रभावों की जानकारी दी। माई सिटी रिपोर्टर