क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सर्वे में हल्द्वानी की साफ सफाई व्यवस्था की पोल खुलने के बाद अब नगर निगम ने पाइप लाइन में फंसे प्रोजेक्टों की पैरवी शुरू कर दी है। शहर को साफ सुथरा बनाने के पहले चरण में घर-घर से कूड़ा उठाया जाएगा। कूड़ा उठवाने के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्तियां की जाएगी। कूड़ा उठाने के एवज में प्रत्येक घर से 40 रुपये यूजर चार्ज लिया जाएगा। अगले चरण में सीवरेज और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाएंगे।
शहर की सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। स्वच्छता पर कराए सर्वे में हल्द्वानी प्रदेश के सबसे पिछड़े शहर में शामिल है। हल्द्वानी में कई प्रोजेक्ट पाइप लाइन में फंसे हैं, जिनके लागू होने से सफाई व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सीवरेज प्लांट सबसे बड़ी जरूरत है। दोनों ही प्रोजेक्ट स्वीकृत हैं। शासन स्तर पर इनकी फाइल आखिरी चरण में हैं। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सर्वे के बाद मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला ने शासन स्तर पर प्रोजेक्टों को तत्काल शुरू कराने की पैरवी की है। मेयर के मुताबिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट 37 करोड़ रुपये लागत का है। इसके लिए 40 हेक्टेयर भूमि भी आवंटित है। अमृत योजना में प्लांट का निर्माण और सीवर लाइन का विस्तार होना है। लाइन विस्तार होने से सीवर की गंदगी नालों में नहीं बहाई जाएगी।
मेयर के मुताबिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी स्वीकृत है। पहले चरण में 25 वार्डों में करीब 30 हजार से अधिक परिवारों का घर-घर से कूड़ा उठाया जाएगा। गाड़ियों और उपकरणों की खरीद हो चुकी है। ढाई महीने में यह व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी। कूड़ा आउट सोर्सिंग कर्मचारियों की मदद से उठवाया जाएगा। घरों से मिलने वाले यूजर चार्ज से कर्मचारियों का भुगतान होगा।
...तो प्रोजेक्टों को है चुनाव का इंतजार
हल्द्वानी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रोजेक्ट लंबे समय से फाइलों में दौड़ रहे हैं। मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला दोनों ही प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द लागू करवाने का कई बार दावा कर चुके हैं। 2018 में नगर निगम चुनाव हैं। चुनाव की अधिसूचना इसी साल आखिर तक लगने की संभावना है। ऐसे में अधिसूचना से पहले प्रोजेक्ट लागू होने से भाजपा इसे भुनाएगी। वर्तमान में डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला भाजपा के मेयर हैं। 2018 में भी उनकी सबसे मजबूत दावेदारी है।