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जुलूस के साथ तहसील में भूख हड़ताल

Thu, 26 Mar 2015 01:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिंदुखत्ता
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बिंदुखत्ता को नगर पालिका बनाए जाने के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणाें ने अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले नगर में जुलूस-प्रदर्शन कर तहसील परिसर में सामूहिक भूख हड़ताल की है। महासभा ने घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन के तहत अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन तहसील परिसर में शुरू कर दिया गया है। इस दौरान सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम पंकज उपाध्याय को सौंपा गया। इधर, जुलूस के चलते करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा।
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बुधवार को शहीद स्मारक से शुरू हुआ सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम जुलूस के रूप में नगर की ओर बढ़ा। किसानों ने बिंदुखत्ता को नगरपालिका बनाए जाने के बजाय राजस्व गांव का दर्जा दिलाए जाने की मांग दोहराते हुए श्रम मंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। तहसील में घेरा डालो-डेरा डालो के तहत शुरू की गई भूख हड़ताल के दौरान हुई सभा में अभाकिस के प्रदेश अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि बिंदुखत्ता की 90 फीसदी आबादी खेती और पशुपालन से आजीविका का निर्वहन कर रही है।

ग्रामीण जमीन के मालिकाना हक की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार किसानों को गुमराह करने में लगी है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अविलंब नगर पालिका का शासनादेश वापस लेकर राजस्व गांव की प्रक्रिया आरंभ की जाए। किसान नेता बहादुर सिंह जंगी और माले नेता राजेंद्र प्रथोली ने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता का इतिहास रहा है कि सत्ता के हर हमले को जन आंदोलन की ताकत से विफल किया है।
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भाकपा माले के जिला सचिव कैलाश पांडे व आनंद सिंह सिजवाली ने कहा कि कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ भी आंदोलन किया जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा द्वारा बिंदुखत्ता में प्रदेश सरकार का पुतला फूंकने को नौटंकी करार दिया। आंदोलन को उक्रांद के भुवन जोशी सहित कई नेताओं ने समर्थन दिया।

जुलूस-प्रदर्शन और भूख हड़ताल में विमला रौथाणं, लक्ष्मण सुयाल, बिशन दत्त जोशी, नारायण नाथ, शंकर जोशी, गोविंद नैनवाल, एसडी जोशी, पान सिंह कोरंगा, नारायण पालीवाल, पूरन पांडे, दीपक कापड़ी, कमला मेहरा, हिना भौर्याल, अमर रावत, त्रिलोक अधिकारी, राजेंद्र शाह, भास्कर कापड़ी, हरीश खड़का, पुष्पा फुलोरिया, लता जोशी, रमेश बसवाल, ललित मटियाली, पुष्कर पांडे, कमल जोशी, पुष्कर दुबड़िया, हरीश भंडारी, कुं वर सिंंह गुसाई, चिंतामणि जोशी, सुरेश कुंवर, बलवीर सिंह, स्वरूप सिंह दानू, पान सिंह, प्रवीण सिंह, कमलापति जोशी, देव सिंह चौहान, रमेश भट्ट, सरस्वती देवी, गोविंद जीना, किसन बघरी, पदम सिंह कोरंगा, मदन धामी आदि ग्रामीण शामिल थे।
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