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Chaitra Amavasya: चैत्र अमावस्या से कुछ राशियों की बढ़ेंगी दिक्कतें, कई की बदलेगी किस्मत; ये करें उपाय

Tue, 25 Mar 2025 01:05 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी

सार

चैत्र महीने की अमावस्या 28 मार्च की शाम से शुरू होकर 29 मार्च की शाम तक रहेगी। इस दौरान शनि के राशि परिवर्तन से कई राशियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा तो कुछ को लाभ होगा।
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राशियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चैत्र महीने की अमावस्या 28 मार्च की शाम से शुरू होकर 29 मार्च की शाम तक रहेगी। इस दौरान शनि के राशि परिवर्तन से कई राशियों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा तो कुछ को लाभ होगा। जो लोग पितृदोष से परेशान रहते हैं, वे इस अमावस्या पर विधि-विधान से पिंडदान, तर्पण, दान आदि करवा कर पितृदोष से मुक्ति पा सकते हैं।

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चैत्र मास की अमावस्या का विशेष महत्व है। जब यह अमावस्या शनिवार को हो तो इसे शनि अमावस्या कहा जाता है। शनि हर जातक को उसके कर्मों पर आधारित फल प्रदान करते हैं। ऐसे जातक जिनकी कुंडली में शनि का कुप्रभाव चल रहा है, उन जातकों को शनि अमावस्या पर विधि विधान से शनि की पूजा करानी चाहिए। ज्योतिष अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि 28 मार्च की शाम 7:55 बजे से शनि अमावस्या शुरू हो रही है जो 29 की शाम 4:27 बजे तक रहेगी।

उदयातिथि अनुसार अमावस्या 29 मार्च को मनाई जाएगी। शनि के राशि परिवर्तन से मेष, सिंह, धनु, कुंभ, मीन राशि के जातकों पर विपरीत प्रभाव पड़ता दिखाई दे रहा है। वहीं मकर राशि से शनि की साढ़ेसाती समाप्त होकर शुभ फल प्रदान करेगी। मेष राशि पर साढ़े साती का प्रथम चरण, मीन पर दूसरा, कुंभ पर तीसरा चरण चलेगा। धनु राशि पर ढैय्या प्रारंभ होगी, जबकि कर्क, वृश्चिक राशि वालों को ढैया से मुक्ति मिल रही है।
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शनि के प्रभाव से बचने के लिए ये करें उपाय

  • स्नान कर शुद्ध भावना से व्रत का संकल्प लें।
  • सरसों के तेल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें।
  • पीपल के नीचे सरसों का तेल, काले तिल, उड़द डाल कर दीप जलाएं।
  • गरीबों को काले वस्त्र, उड़द, काली छाता का दान करें।
  • हनुमान मंदिर में सिंदूर, शुद्ध घी का दीपक, चना, गुड़ का भोग लगाएं।

 

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