डॉ. दीवान सिंह रावत।
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बागेश्वर। रैखोली गांव के मूल निवासी और दिल्ली विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान के हेड ऑफ द डिपार्टमेंट (एचओडी) प्रो. दीवान सिंह रावत को प्रतिष्ठित वासविक अनुसंधान पुरस्कार 2021 से नवाजा गया है।
रसायन विज्ञानी प्रो. रावत को यह पुरस्कार वासविक फाउंडेशन ने 802 शोध विद्यार्थियों को डिग्री दिलाने के लिए प्रदान किया है। यह पुरस्कार रसायन विज्ञान के क्षेत्र में दिए जाने वाले प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है। इसके तहत 1.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है। प्रो. रावत के अधीन 802 शोध विद्यार्थियों ने शोध कर डिग्रियां हासिल की हैं। यह एक रिकॉर्ड है। प्रो. रावत रसायन विज्ञान के क्षेत्र में कई शोध कर चुके हैं। कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं।
प्रो. रावत ने अपने फेसबुक पेज पर प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजे जाने की जानकारी दी। उन्होंने माटी से लगाव का जिक्र कर लिखा है कि गांव से ही उन्होंने कक्षा नौ तक की पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए नैनीताल चले गए। अब उन्हें वासविक रिसर्च अवार्ड मिला है। वह प्रमुख वैज्ञानिकों की सूची में शामिल होकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने गांव में बिताए दिनों का भी जिक्र किया है। प्रो. रावत से पहले यह पुरस्कार प्रो. सुखदेव, प्रो. जीडी यादव, प्रो. लक्ष्मीकांतम, प्रो. एवी रामा राव, प्रो. बलराम भार्गव, प्रो. लालजी सिंह, प्रो. बीपी कंबोज आदि को मिल चुका है। प्रो. रावत को पुरस्कार मिलने पर उनके गृह क्षेत्र रैखोली और बागेश्वर में खुशी का माहौल है। उनको पुरस्कार मिलने पर वृक्षपुरुष किशन सिंह मलड़ा, जिला रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन संजय साह जगाती, सचिव आलोक पांडेय, रेडक्रॉस पदाधिकारी कैलाश प्रकाश चंदोला, ग्रामीण हरीश रावत आदि ने खुशी जताई है।