एसडीएम पंकज उपाध्याय ने पब्लिक स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि फीस वृद्धि के मानक तय करें ताकि अभिभावकों में आक्रोश पैदा न हो। उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत गरीब पात्र बच्चों को निशुल्क एडमिशन हर हाल में दिया जाना सुनिश्चित करें।
मंगलवार को विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शन के बाद एसडीएम पंकज उपाध्याय ने शाम चार बजे अपने कार्यालय में पब्लिक स्कूल एसोसिएशन की बैठक बुलाई। उन्होंने स्कूल एसोसिएशन से फीस बढ़ाने से लेकर किताब और ड्रेस के बारे में जानकारी की। स्कूल एसोसिएशन ने एसडीएम को बताया कि स्कूलों ने 10 फीसदी तक ही फीस में वृद्धि की है। उनका तर्क था कि महंगाई के दौर में स्कूलों के भी खर्चे बढ़े हैं और टीचर्स का वेतन भी बढ़ाया गया है।
बैठक में करीब एक घंटा मंथन के बाद एसडीएम ने मीडिया को बताया कि देश में अब तक यह गाइड लाइन ही तय नहीं हो सकी है कि पब्लिक स्कूलों में जो कोर्स चलेगा, उसमें एकरूपता कैसे लाई जाएगी। पब्लिशर्स जो किताबें लगा रहे हैं, उनके रेट कैसे तय किए जाएं, इस बारे में भी नीति बननी चाहिए। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन को निर्देश दिए हैं कि उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार ही फीस वृद्धि के मानक तय किए जाएं।
उन्होंने बताया कि किसी भी स्कूल की आरटीई के बारे में कोई शिकायत सामने नहीं आई है। बैठक में पीएसए के संरक्षक आरपी सिंह, अध्यक्ष प्रवींद्र कुमार रौतेला, पूर्व अध्यक्ष सुनील जोशी, समित टिक्कू, अनिता जोशी, राधा ऐंठानी, अनुराग माथुर के अलावा नगर शिक्षा अधिकारी तारा चंद्र पनेरु, सीआरसी नगर क्षेत्र के समन्वयक हरीश बिष्ट आदि थे।