वन विभाग ने गर्मियों में वनों में आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए मंडलभर में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य संरक्षक कुमाऊं ने सभी अधिकारियों को ग्रामीणों के साथ ही स्वयंसेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, ग्राम पंचायतों, वन पंचायतों, नवयुवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों का भी सहयोग लेने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं परमजीत सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए तैनात किए जाने वाले श्रमिकों को बीमित किया जाए। सहयोग करने वाली संस्थाओं का भी सामूहिक बीमा किया जाए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम में सहयोग करने वाले लोगों और संस्थाओं को पुुरस्कृत किया जाएगा। मुख्य वन संरक्षक ने शासन को सुझाव भेजा है कि वनाग्नि के दौरान जान गंवाने और घायल होने वाले लोगों और पालतू मवेशियों की क्षति पर मुआवजे के लिए बजट विभाग को ही आवंटित किया जाए, ताकि प्रभावितों को तत्काल सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने बताया कि मंडल में 463 क्रू स्टेशन, 14 कंट्रोल रूम, 31 वाच टॉवर स्थापित किए गए हैं।
इसके अलावा 156 वायरलेस सेट, 50 मोबाइल, 657 हैंडसेट कर्मचारियों को उपलब्ध कराए गए हैं। सात रिपीटर सेंटर भी बनाए गए हैं। वन अग्नि सुरक्षा के लिए 188 वन रेंजर, 487 वन दरोेगा, 1016 वन रक्षक, 152 माली, 759 फायर वॉचर, 721 श्रमिक, 342 अन्य कार्मिक तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही 1065 ग्रामीणों का सहयोग लिया जाएगा।