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आखिरी सांस तक जेल में रहेगा दुष्कर्मी जेसीबी चालक

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बरेली/पिथौरागढ़। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी जेसीबी चालक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए अपने आदेश में कहा है कि वह जब तक जिंदा रहेगा, तब तक जेल में रहेगा। अदालत ने उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह पीड़ित परिवार को आठ लाख रुपये की सहायता राशि दे।
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बरेली के थाना मीरगंज के गांव हुरहुरी निवासी जेसीबी चालक प्रदीप कुमार ने तीन मार्च, 2019 को पिथौरागढ़ के सीमावर्ती गांव से किशोरी का अपहरण कर लिया था। दो दिन तक बंधक बनाए रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी दौरान किशोरी की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज होने पर प्रदीप ने उसे एक वाहन में बैठाकर हल्द्वानी भेज दिया, वहां से प्रदीप के एक रिश्तेदार ने किशोरी को बरेली पहुंचा दिया। पुलिस ने किशोरी को बरेली से बरामद कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया था। मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। घटना के समय किशोरी की उम्र 13 साल 10 माह थी। केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया था। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. शर्मा की अदालत में अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने प्रदीप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पंत और विशेष लोक अभियोजक प्रेम सिंह भंडारी ने मामले में पैरवी की।
जेल से भाग चुका है प्रदीप
पिथौरागढ़। जेसीबी चालक प्रदीप कुमार करीब दो साल पहले जब न्यायिक हिरासत में जेल में बंद था, तब वह जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया था। पुलिस से पहचान छिपाने के लिए उसने अपने बाल कटवा लिए थे। इसके बावजूद पुलिस ने उसे घाट के पास एक कैंटर से गिरफ्तार कर लिया था। (संवाद)
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