उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. एनपी माहेश्वरी। अमर उजाला
हल्द्वानी। नवनियुक्त उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. एनपी माहेश्वरी ने शनिवार को उच्चशिक्षा निदेशालय पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने कहा कि कालेजों में शैक्षणिक माहौल बेहतर बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। कॉलेजों में पढ़ाई हो रही है या नहीं इसके लिए प्राचार्यों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्राचार्यों को निर्देशित किया जा रहा है कि वे कम से कम दो बार कॉलेज में क्लासों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें, जिससे यह मालूम हो सके कि किस क्लास में पढ़ाई हुई या नहीं। नियमित रूप से क्लासें लगें, यह हर हाल में सुनिश्चित करना प्राचार्य का दायित्व है।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि हालांकि उनका दो महीने का ही है लेकिन उनकी कोशिश होगी कि उच्चशिक्षा में व्यापक सुधार लाया जा सके। उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत और शासन स्तर से भी महाविद्यालयों में सुधार के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन कॉलेजों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी का एक भी कर्मचारी नहीं है, वहां इस समस्या को जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा। कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए जो अध्याचन शासन को भेजा गया है उन पदों पर जल्द भर्ती हो सके, इस पर कार्यवाही की जा रही है।
प्रदेश के 55 कॉलेज तो रूसा से आच्छादित हैं जहां फर्नीचर से लेकर पुस्तकों तक की सभी व्यवस्थाएं हो जाएंगी, बाकी कालेजों में डिमांड के अनुसार किताबों के लिए बजट भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि डिग्री कालेजों में जमा छात्र निधियों की धनराशि से बड़े कालेजों को अधिकतम पांच लाख और छोटे कालेजों के प्राचार्यों को दो लाख खर्च करने का अधिकार दे दिया गया है, इसका जीओ भी जारी हो चुका है। निदेशालय से भी अपने स्तर से आदेश प्राचार्यों को भेजा जा रहा है। बाद में उन्होंने बैठक भी ली।
इस मौके पर सहायक निदेशक डॉ. एचएस नयाल, सहायक निदेशक बीएम हर्बोला, वैयतिक सहायक हिमांशु जोशी, गोविंद, मोहित कुमार आदि मौजूद रहे। प्राचार्य डॉ. आरसी पुरोहित, प्राचार्य डॉ. संध्या डालाकोटी, पूर्व प्राचार्य डॉ. एलबी अग्निहोत्री आदि ने भी निदेशालय पहुंचकर निदेशक को बधाई दी।