हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया और प्रवेश सत्यापन में देरी के चलते बड़ी संख्या में छात्र कुमाऊं विश्वविद्यालय के पोर्टल पर परीक्षा आवेदन फार्म नहीं भर सके हैं। इसके साथ ही छात्रों की अनेक समस्याओं को दूर करने के लिए छात्रनेताओं ने शनिवार को प्राचार्य का घेराव किया तथा परीक्षा आवेदन फार्म भरने की तिथि बढ़ाने की पुरजोर मांग की। परीक्षा शुल्क में अंतर आने से भी छात्र काफी परेशान हैं।
कालेज के छात्रनेता सूरज भट्ट का कहना था कि महाविद्यालय के अधिकांश छात्र दूरदराज पर्वतीय क्षेत्र से पढ़ने आते है। जहां नेट की बेहतर सुविधाएं नहीं होती है जिससे ऑनलाइन प्रवेश से लेकर परीक्षा आवेदन फार्म भर सकें। वर्तमान में एमबीपीजी कालेज में प्रवेश प्रक्रिया में देरी के कारण छात्रों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ है और वे कुमाऊं विवि के पोर्टल पर परीक्षा आवेदन फार्म नहीं भर सके हैं। छात्रों का यह भी कहना था कि परीक्षा आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि शनिवार को समाप्त होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र फार्म नहीं भर सके हैं।
छात्रों द्वारा अपने पूर्व के सेमेस्टर के सुधार परीक्षा के लिए पोर्टल पर आवेदन किया जा रहा है परंतु पोर्टल पर उसकी सूचना नहीं आ रही है। छात्रनेता भट्ट ने कहा कि परीक्षा शुल्क जो पूर्व में 570 रुपये था, वे अब 720 रुपये लिया जा रहा है। छात्रनेताओं का कहना था कि कई छात्रों के प्रवेश आवेदन फार्म में सत्यापन के समय विषयों को बदल दिया गया है। इसके अलावा तृतीय सेमेस्टर स्नातकोत्तर के छात्रों के परीक्षा आवेदन पत्र में प्रथम सेमेस्टर के विषयों को अंकित कर दिया गया है। छात्रों को यह भी ज्ञात नही है कि उनके विषयों को किस प्रकार से बदल दिया जाएगा और अपने परीक्षा से विषयों की कैसे पढ़ाई करेंगे। इसको लेकर छात्रों में असमंजस की स्थिति है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए प्राचार्य को ज्ञापन भी सौंपा गया।
ज्ञापन में परीक्षा फार्म भरने की तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाने की मांग की गई है। इस दौरान छात्रनेता मुकेश कुलौरा, संस्कार रस्तोगी, यश चिलवाल, भरत मेहता, हिमांशु पांडे, आसिफ हुसैन, अक्षय कुमार, अमन बिष्ट, भास्कर बिष्ट, गौरव जोशी आदि मौजूद रहे।