देश की प्रमुख इमारतों में से एक नैनीताल राजभवन को इन दिनों विक्टोरियल माडल की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। जून तक कार्य पूरा होने की उम्मीद है। भवन के पुनर्निर्माण के लिए मंजूर 11.81 करोड़ रुपए की धनराशि में से चौथी किश्त के रूप में 3 करोड़ रुपए अवमुक्त हो गए हैं। अब तक कुल 8.72 करोड़ रुपया जारी हो चुका है।
इस भवन की नींव 27 अप्रैल 1897 को रखी गई थी। जो 1900 में बनकर पूर्ण हुआ था। 82 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले राजभवन के जीर्णोद्धार की पहल फरवरी 2012 में हुई। जिसके लिए 11.81 करोड़ स्वीकृत हुए। इस धनराशि से बाहरी दीवारों पर लाइम, बालू, फ्लाइएक्स (थरमल पावर प्लांट से निकलने वाली राख) और पिगमेंट के मिश्रण से बाहरी दीवारों की आकर्षक प्वाइंटिंग की गई है।
इसके अलावा हेलीफिक्सिंग से इसकी दीवारों को मजबूत बनाया गया है। एपीपी शीट से छत की मरम्मत का कार्य भी पूरा हो चुका है। इसके विक्टोरियल कमरों में वाल पेपर, बाथरूम में आकर्षक टाइल्स का कार्य भी किया जा चुका है। लोनिवि के ईई संजय पांडे ने बताया कि 2012 से अब तक 3 किश्तों में 5.72 करोड़ रुपया अवमुक्त किया जा चुका है। अब 3 करोड़ रुपए की धनराशि फिर मिली है।
सूत्र बताते हैं कि रविवार को राज्यपाल ने इस संबंध में भी अधिकारियों से बातचीत की, जिसपर उन्हें अब तक हुए कार्य के बारे में बताया गया।