विजेंद्र श्रीवास्तव
हल्द्वानी। वन विभाग की योजना परवान चढ़ी तो शहरों की न सिर्फ हवा सुधरेगी, बल्कि सुंदरता भी बढ़ जाएगी। इसके लिए ऑक्सीजन पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनमें पीपल और बरगद जैसी फाइकस प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। सुंदरता बढ़ाने के लिए पुष्प प्रजातियों के पौधे लगेंगे।
शहरों के फैलाव और विकास योजनाओं के चलते पेड़ों को काटा जा रहा है, जिससे हरियाली कम होती जा रही है। अगर हल्द्वानी की बात करें तो यहां हवा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) औसत श्रेणी में है। लॉकडाउन और कोविड कर्फ्यू के दौरान कुछ सुधार हुआ था। अब वन विभाग हरियाली और ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के लिए शहरों में ऑक्सीजन पार्क विकसित करेगा। इसमें बरगद, पीपल जैसे पौधे लगाए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह प्रजातियां ऑक्सीजन की बेहतर स्रोत हैं।
आरक्षित वन भूमि पर बनाए जाएंगे ऑक्सीजन पार्क
मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. तेजस्विनी पाटिल के अनुसार, ये पार्क हल्द्वानी, रुद्रपुर, जसपुर, काशीपुर, टनकपुर, खटीमा, रामनगर आदि जगहों पर बनाने की योजना है। तराई पूर्वी, तराई केंद्रीय, तराई पश्चिम और रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत आरक्षित वन भूमि पर पार्क तैयार किए जाएंगे। हल्द्वानी में चीड़ डिपो के पास पार्क बनाया जाएगा। इनका रखरखाव वन विभाग के पास ही रहेगा। शहरों की सुंदरता बढ़ाने के लिए कनेर, बोगेनवेलिया भी लगाने की योजना है। इस बार सड़क किनारे नहीं, बल्कि अलग जगहों पर पौधे लगेंगे। इसके साथ ही छायादार और पक्षियों को ध्यान में रखते हुए फलदार पौधे रोपे जाएंगे। यह कार्य अर्बन प्लांटेशन के तहत होगा। इसके लिए कैंपा समेत अन्य मदों से राशि मिलेगी।
दस साल पहले लालकुआं में बनाया था फाइकस गार्डन
वन अनुसंधान के वन क्षेत्राधिकारी मदन बिष्ट कहते हैं कि वन अनुसंधान शाखा ने लालकुआं नर्सरी में करीब दस साल पहले फाइकस गार्डन विकसित करने का काम शुरू किया था। यहां देश के विभिन्न हिस्सों से फाइकस की 121 प्रजातियां लगाई गईं, जो तीन हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगी हैं। यह वनस्पतियों के अध्ययन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। बताया कि पीपल, बरगद आदि प्रजातियों से ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है।
ये काम भी पूरे हों तो बदले तस्वीर
हल्द्वानी। शहर को बेहतर करने के लिए कई योजनाएं बनी हैं जिन पर काम शुरू होने का इंतजार है। इनमें रिंग रोड, आईएसबीटी, अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर, शहर में बिजली की ओवरहेड लाइन को अंडरग्राउंड करना आदि शामिल है। इसके अलावा एसबीआई से मुखानी तक नहर कवरिंग के साथ ही सिटी पार्क बनाने की योजनाएं भी शामिल हैं।