मल्लिकार्जुन खरगे, अध्यक्ष, कांग्रेस
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विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस चुनावी अभियान को निर्णायक मोड़ देने की तैयारी में है। राहुल गांधी के बाद अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शनिवार को पहली बार हल्द्वानी में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। राजनीतिक दृष्टि से यह दौरा केवल जनसभा नहीं बल्कि चुनाव से पहले सत्तापक्ष को घेरना, संगठन को एकजुट करने, गुटीय संदेश देने और कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व रैली के जरिये स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि चुनावी तैयारियां अब पूरी तरह जमीनी स्तर पर केंद्रित होंगी। पार्टी की कोशिश हर विधानसभा क्षेत्र में संगठन को सक्रिय करने, बूथ समितियों को मजबूत बनाने और चुनावी प्रबंधन को गति देने की है। कुमाऊं की राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीट हल्द्वानी से राष्ट्रीय अध्यक्ष का संबोधन पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं के लिए चुनावी दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से संगठन के विस्तार, नई नियुक्तियों और जिला स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के प्रयास भी इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।
2022 में भाजपा को 47 और कांग्रेस को मिली थी 19 सीट
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 47 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी जबकि कांग्रेस 19 सीटों पर सिमट गई थी। हार के बावजूद कांग्रेस वोट प्रतिशत में भाजपा से ज्यादा दूर नहीं रही। भाजपा का वोट शेयर 44.74 और कांग्रेस का 38.26 प्रतिशत था। इस बार पार्टी का लक्ष्य संगठनात्मक कमजोरी दूर कर बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क तैयार करने और चुनावी मुकाबले को सीधा बनाने का है।