पीआरडी महिला स्वयं सेवकों के चयन/प्रशिक्षण के लिए इसी साल फरवरी में हल्द्वानी में आयोजित शारीरिक नापजोख के दौरान लंबी कूद में शामिल कई महिला अभ्यर्थियों के अंकों में छेड़छाड़ करने का मामला उजागर होने के बाद जिलाधिकारी ने परीक्षा को निरस्त कर जांच करने के निर्देश दिए हैं।
इसमें मुख्य विकास अधिकारी को जांच अधिकारी बनाया गया है। सीडीओ ने चयन परीक्षा से संबंधित अभिलेखों और चयन परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों को 6 अगस्त को पूछताछ के लिए तलब किया है। इस धांधली में कई अधिकारियों के फंसने की आशंका है।
शासन के निर्देश पर गठित समिति ने 4 से 6 फरवरी तक हल्द्वानी स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में 51 पीआरडी में महिलाओं के चयन के लिए शारीरिक नापजोख, लंबी कूद व दौड़ समेत कई परीक्षाएं आयोजित की थीं। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया था। परीक्षा से संबंधी अभिलेखों की जांच के दौरान डीएम दीपक रावत ने महिला अभ्यर्थियों की लंबी कूद से संबंधित अभिलेखों में वास्तविक अंकों के साथ ओवरराइटिंग कर छेड़छाड़ करने का मामला पकड़ लिया।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक भीमताल ब्लाक की 4 तथा हल्द्वानी, रामनगर और कोटाबाग की 2-2 महिला अभ्यर्थियों को लंबी कूद में मिले अंकों से छेड़छाड़ कर उन्हें बढ़ाया गया था। अंकों में किए गए छेड़छाड़ का पता चयन परीक्षा के दौरान की गई वीडियोग्राफी में भी देखने को मिला है। बताया जाता है कि लंबी कूद के दौरान महिला अभ्यर्थियों ने जितनी दूरी तक छलांग लगाई थी उतनी ही दूरी और अभ्यर्थी को मिले अंकों का उल्लेख उद्घोषक ने किया था।
जबकि संबंधित अभिलेख में अंक कहीं अधिक दर्शाए गए हैं। इससे जाहिर हुआ है कि पीआरडी प्रशिक्षण के चयन के लिए आयोजित शारीरिक परीक्षा में पारदर्शिता नहीं बरती गई है। संभावना है कि अब नए सिरे से पीआरडी की परीक्षा आयोजित की जाएगी। गड़बड़ी उजागर होने से युवा कल्याण विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।