हल्द्वानी। शहर में विकास के नाम पर खोदे गई सड़कें परेशानी के बाद अब दर्द दे रही हैं। गड्ढों में तब्दील सड़कों से निकलना अब आसान नहीं रहा है। दोपहिया और चौपहिया से सफर करने वाले शहरवासी पीठ और रीढ़ की हड्डी की डिस्क जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। शरीर का नुकसान तो हो रही रहा है जेब भी ढीली हो रही है। अनुमान के मुताबिक बीते एक साल में शहर के कार गैराज और बाइक सर्विस सेंटरों में वाहनों की मेंटेनेंस बढ़ गई है। रोजाना गड्ढों से गुजरने वाले वाहनों के पुर्जे ढीले हो रहे हैं, सस्पेंशन, शॉकर, रिम, ब्रेक शू, बुश, टायरों का अलायमेंट समय से पहले खराब हो रहा है। औसतन एक साल में गड्ढों से प्रभावित होने वाले वाहनों में 50 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। शहर में 150 से अधिक कार गैराज हैं, मोटरसाइकिल सर्विस सेंटरों की संख्या भी 70 से कम नहीं है। जांच-पड़ताल में खुलासा हुआ है कि इन गैराज व सेंटर में एक दिन में 15 से 20 वाहन रिपयेरिंग को आते हैं।
60 किमी सड़कों पर होना है डामरीकरण
शहर में यूयूएसडीए, लोनिवि, पेयजल निगम की ओर से सड़कों का पुनर्निर्माण किया जाना है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार अभी शहर में 60 किमी से अधिक सड़कों पर डामरीकरण किया जाना है। बरसात के कारण बिटुमेन वाली सड़कों का काम नहीं हो पाया। हालांकि सीसी सड़कों का काम किया जा रहा है। शहर में 700 किमी से अधिक में पाइप लाइन और 100 किमी में सीवरेज लाइन बिछाई जानी है। ऐसी सभी सड़कों को खोदा गया है, जो बरसात में हादसे का कारण बन रही हैं।
सड़कों के गड्ढों में लगातार बाइक दौड़ाने से पहिए के बुश और ब्रेक शू पर असर पड़ रहा है। पिछले छह महीने में बाइकों में इस तरह की समस्या आम हो गई है।
शोएब, बाइक मैकेनिक उजालानगर
गड्ढों से विशेषकर सड़क से कम दूरी वाली कार और लोड वाहनों के सस्पेंशन में समस्या आ रही है, औसतन इससे होने वाली परेशानी में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। गैराज में रोज ऐसे वाहन मरम्मत के लिए आ रहे हैं।
अजय रावत, रावत मोटर्स तिकोनिया
गड्ढों में दौड़ रहे चौपहिया वाहनों में दिक्कत आ रही है, एक साल में ऐसे वाहन दोगुने तक बढ़े हैं। एक बार में ज्यादा परेशानी होने पर रिपयेरिंग में आठ से 10 हजार का खर्च हो रहा है। नया शॉकर 2500 से पांच हजार रुपये में उपलब्ध है।
विक्रम अधिकारी, विक्की मोटर्स, चंबल पुल
कार्यदायी संस्थाओं को सड़कों के गड्ढे भरने के निर्देश दिए गए हैं। 15 सितंबर के बाद जहां सड़कों का काम अधूरा रह गया है उन्हें प्राथमिकता से पहले करने को कहा गया है।
एपी बाजपेयी, सिटी मजिस्ट्रेट