मलिन बस्ती आवास सुधार योजना में गरीबों के आधे अधूरे मकानों के निर्माण के लिए दो करोड़ का बजट जारी हो गया। अधूरे मकानों को अब नगर निगम खुद बनवाएगा। निगम ने अधूरे मकानों के निर्माण लागत के मूल्यांकन के लिए वार्ड वार सर्वे शुरू कर दिया है।
मलिन बस्ती सुधार योजना में हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में 923 मकान बनाए जाने थे। मकानों के निर्माण के लिए 2011 में उत्तरप्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन से अनुबंध हुआ था। मकान दो चरणों में बनाए जाने थे पहले चरण में 501 और दूसरे में 422 मकानों का निर्माण होना था।
एक मकान के निर्माण की लागत दो लाख 25 हजार रुपये थी। कारपोरेशन ने 165 मकानों का निर्माण शुरू किया, जिसमें 98 मकान तो पूरे बना दिए, जबकि 69 मकान आधे अधूरे छोड़ दिए। कारपोरेशन को 6.64 करोड़ का भुगतान भी हो गया।
कारपोरेशन ने अचानक निर्माण कार्य बंद कर दिया। प्रशासन ने कारपोरेशन को ब्लैक लिस्टेड दिया। इसके बाद योजना के लक्ष्य को पूरा करने के लिए निगम प्रशासन ने खुद ही पौड़ी मॉडल में 177 मकानों का निर्माण शुरू करवा दिया। इसमें लाभार्थी खुद ही अपने मकान बना रहे हैं।
निगम 150 मकान बनवा चुका है। निगम प्रशासन के मुताबिक कारपोरेशन के आधे अधूरे छोड़े मकानों के निर्माण के लिए भी दो करोड़ का बजट स्वीकृत हो गया है। डीएम और शासन स्तर पर गठित टीम की सर्वे रिपोर्ट के बाद बजट जारी हुआ है। टीम में एक एई और छह जेई शामिल थे।
निगम प्रशासन के मुताबिक अधूरे मकानों का निर्माण पूरा करने के लिए वार्ड स्तर पर कुलियालपुरा और नई बस्ती निर्माण अनुभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। जिसमें प्रत्येक मकान के निर्माण में लागत का मूल्यांकन किया जा रहा है। दिसंबर में निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और नए साल तक गरीबों को उनका आशियाना मिल जाएगा।