एक बरसात ने ही नगर निगम की शहर में सफाई व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। गंदगी और कूड़े से नाले-नालियां बंद होने से बरसात के पानी से शहर में जहां-तहां जलभराव हो गया। गंदा पानी दर्जनों लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया। बरेली रोड में अंबेडकर नगर के लोगों के लिए तो बरसात मुसीबत बनकर बरसी। अधिकांश लोग पूरी रात घरों से पानी बाहर निकालते और सामान बचाते रहे। बृहस्पतिवार सुबह नगर आयुक्त ने अंबेडकर नगर का बंद नाला खुलवाया।
शहर में सफाई व्यवस्था चौपट है। नाले और नालियां साफ करना तो दूर कूड़ेदान से कूड़ा तक समय पर नहीं उठता है। बुधवार शाम बरसात होने से पानी सड़कों पर फैल गया। कालाढूंगी रोड और बरेली रोड की कई कॉलोनियों में पानी घुस गया। अंबेडकर नगर में सबसे अधिक नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक नाला सालों से साफ नहीं हुआ। लोगों ने इसमें कूड़ा और प्लास्टिक डाला है। बरसात होने से नाले ओवर फ्लो होकर लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया।
पार्षद महेंद्र नागर के मुताबिक अधिकांश लोग पूरी रात घरों में पानी से सामान बचाते रहे। बाल्टियों में पानी भर-भर करके बाहर फेंकते रहे। सूचना नगर आयुक्त हरबीर सिंह बृहस्पतिवार सुबह गांधीनगर पहुंचे। नगर निगम कर्मियों ने नाला खुलवाया, जिसके बाद लोगों ने राहत ली। राजपुरा, मंडी, इंद्रानगर में भी गंदे नाले का पानी लोगों के घरों में घुसा। बरेली रोड का मुख्य नाला बंद होने से बरसात का गंदा पानी कब्रिस्तान में चला गया और पूरा कब्रिस्तान तालाब में बदल गया।
नालों पर अतिक्रमण कैसे होगी सफाई
अधिकांश नाले और नालियां अतिक्रमण से बंद हो चुकी हैं। इससे उनकी सफाई भी नहीं हो पा रही है। अंबेडकर, राजपुरा, इंद्रानगर में अधिकतर जगहों पर नालों के ऊपर पक्का निर्माण हो चुका है। कचरा फंसने पर उसकी सफाई नहीं हो पाती है। बरसात में यही अतिक्रमण आसपास इलाके में नुकसान करता है।