पहाड़ के दूरस्थ मतदान केंद्रों के लिए तैयारी शुरू हो गई है। भीमताल विधानसभा में कई दुर्गम जगह हैं, जहां के लिए 48 घंटे पहले पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी। सामान ले जाने के लिए घोड़े-खच्चरों का इस्तेमाल किया जाएगा। कई किमी पैदल चलने के बाद पोलिंग पार्टियां मतदेय स्थल तक पहुंचेंगी।
नैनीताल जिले में कई मतदेय स्थल दूरस्थ इलाकों में हैं। इनके लिए दो दिन पहले मतदान पार्टियों को रवाना करने का फैसला किया गया है। जो 21 मतदेय स्थलों पर चुनाव संपन्न कराएंगी। सबसे दूर राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुवाकोट पोखरी और राजकीय प्राथमिक विद्यालय अमजड़ हैं, जिनकी दूरी जिला निर्वाचन कार्यालय से 150 किमी है।
इसके अलावा राजकीय प्राथमिक विद्यालय कौंता, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कैड़ागांव और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ककोड़ गाजा की डगर भी मुश्किल भरी है। यहां पर मोटर हेड से पहुंचने के बाद पार्टियों को आठ किमी की पहाड़ पर चलना होगा।
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कैड़ागांव (स्थित ग्राम कुकना), रा.हा. स्कूल पटरानी, जू.हा स्कूल भुमका भी मोटर हेड से पांच किमी दूरी पर हैं। उप निर्वाचन अधिकारी जसवंत सिंह राठौर कहते हैं कि चुनाव का सामान घोड़े, खच्चरों के माध्यम से ढोया जाएगा।
इन मतदेय स्थलों के लिए दो दिन पहले रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां
रा.प्रा.वि सुवाकोट पोखरी, रा.प्रा.वि अमजड़, रा.प्रा.वि गौनियारों, रा.प्रा.वि कैड़ागांव, रा.प्रा.वि धैना, रा.इ.का चकबोड़ा, रा.प्रा.वि हरीशताल, रा.प्रा.वि अधौड़ा, रा.प्रा.वि दिगोली, रा.उ.मा.वि कैड़ागांव, रा.प्रा.वि तल्लाकांडा नया भवन, रा.प्रा.वि ढोली गांव, रा.प्रा.वि कुंडल के लिए पोलिंग पार्टियां दो दिन पहले रवाना होगी।
इसी तरह रा.प्रा.वि सुनकोट, रा.प्रा.वि जोस्यूड़ा, रा.प्रा.वि भेटिदियार खोली, जू.हा स्कूल भुमका, रा.प्रा.वि कौंता, रा.हा. स्कूल पटरानी और रा.उ.मा.वि ककोड़ गाजा को मतदेय स्थल बनाया गया है। यहां भी पहुंचने के लिए भी टीम को 13 फरवरी को रवाना किया जाएगा।