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Haldwani News: चरस मामले में कोर्ट के सवालों से अब खुद ही फंसी पुलिस, न्यायालय ने ये आदेश दिए; जानें मामला

Mon, 28 Oct 2024 12:47 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी

सार

कुल्यालपुरा में परचून की दुकान में कथित चरस मिलने के मामले में कोतवाली पुलिस अब खुद ही बुरी तरह फंस गई है। कोर्ट ने पुलिस की जांच पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए बरामद कथित चरस और जांच रिपोर्ट के साथ जांच अधिकारी को 29 नवंबर को प्रस्तुत होने को कहा है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हल्द्वानी के कुल्यालपुरा में परचून की दुकान में कथित चरस मिलने के मामले में कोतवाली पुलिस अब खुद ही बुरी तरह फंस गई है। कोर्ट ने पुलिस की जांच पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए बरामद कथित चरस और जांच रिपोर्ट के साथ जांच अधिकारी को 29 नवंबर को प्रस्तुत होने को कहा है।

कुल्यालपुर की गली नंबर तीन की रहने वाली पूनम की दुकान में 28 जून को एक महिला कथित चरस का थैला छोड़कर चली गई थी। महिला के जाते ही वहां पहुंची पुलिस थैला बरामद कर ले गई थी। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फिर भी पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही फुटेज होने के बावजूद आरोपी महिला को पकड़ा। पूनम के न्यायालय की शरण लेने पर मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। पूनम ने चरस रखने की आरोपी महिला को पांच अक्तूबर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। थाने में चरस का कोई रिकॉर्ड न होने के कारण पुलिस ने आरोपी को नारी निकेतन में भेज दिया। बाद में नोटिस देकर छोड़ दिया।

पूनम इस मामले को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अखिलेश कुमार की कोर्ट में ले गईं। कोर्ट ने पुलिस की जांच पर सवाल खड़े करते हुए तमाम सवालों के जवाब देने और कथित चरस के साथ 29 नवंबर को कोर्ट के समक्ष पेश होने के आदेश दिए हैं। इस मामले की जांच घटना स्थल से चरस बरामद करने वाले एसआई देवेंद्र सिंह के पास है। मामले में खुशी के साथ भूपेंद्र सिंह चौहान व उमेश चौहान को भी आरोपी बनाया गया है। दोनों पर खुशी की मदद से दुकान में चरस रखवाने का आरोप है।

 

न्यायालय ने ये दिए आदेश

- हल्द्वानी कोतवाली के भारसाधक अधिकारी व जांच अधिकारी उचित और विधिपूर्ण विवेचना करें।

- 28 जून को हुई घटना और पांच अक्तूबर को आरोपी महिला के पकड़े जाने की घटना की जनरल डायरी (जीडी) में हुई लिखापढ़ी की प्रति 29 नवंबर को न्यायालय में पेश की जाए।

- आरोपी को नारी निकेतन में किसके आदेश से, किस प्रावधान के तहत और कितने दिन रखा गया। इसकी लिखित रिपोर्ट दी जाए।

- कथित चरस व अन्य पदार्थ को अग्रिम तिथि पर कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया जाए।

- 28 जून को हुई घटना की सीसीटीवी फुटेज विधि विज्ञान प्रयोगशाला व अन्य संस्थान में परीक्षण के लिए भेजी गई या नहीं, इसकी आख्या पेश की जाए।

पूछा, किसके आदेश और किस प्रावधान के तहत भेजा नारी निकेतन

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पुलिस की विवेचना से नाराज कोर्ट ने पुलिस से कई सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने कहा, आरोपी खुशी तिवारी उर्फ मंजू तिवारी को मामले में धारा 35 के तहत नोटिस तामील कराया गया है। चार अक्टूबर को आरोपी को नारी निकेतन भेजा गया था। इस पर कोर्ट ने पूछा कि जब नोटिस तामील करा दिया गया था तो आरोपी को किसके आदेश और किस प्रावधान के तहत नारी निकेतन भेजा गया।

 

 

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