निजी चिकित्सालय में सोमवार को ऑपरेशन के दौरान गर्भवती महिला की मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने डाक्टर पर ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग की।
मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी डाक्टर के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीरूमदारा मधुवन कालोनी निवासी दिनेश सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 31 अगस्त को उनकी पत्नी धारा देवी (28 वर्ष) को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो वह उसे इलाज के लिए संयुक्त अस्पताल लाए।
दिनेश के अनुसार उनके पास मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का कार्ड होने के बावजूद सीएमएस ने अस्पताल में सर्जन न होने की बात कही। जिस पर वह निजी चिकित्सालय बृजेश अस्पताल में अपनी पत्नी को ले गए।
वहां मौजूद सर्जन अभिषेक अग्रवाल ने तत्काल ऑपरेशन की बात कही। इस पर उन्होंने पत्नी को अस्पताल में एडमिट करा दिया। दोपहर दो बजे उनकी पत्नी का ऑपरेशन किया गया।
पर इस दौरान उनकी पत्नी की मौत हो गई। उनकी पत्नी ने मरने से पूर्व एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए रामनगर के संयुक्त अस्पताल भेजा तो मृतका के परिजनों ने संयुक्त चिकित्सालय के डाक्टरों से पोस्टमार्टम कराने से साफ इंकार कर दिया।
परिजनों का कहना था कि उन्हें इन डाक्टरों पर भरोसा नहीं है। परिजनों के दबाव में शव को पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेजना पड़ा।
मालूम है कि अभी कुछ दिन पूर्व संयुक्त अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही से भी एक प्रसूता की मौत हुई है। सीओ मिथिलेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। बहरहाल पीड़ित पक्ष की ओर से आई तहरीर के आधार पर डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।