ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर रोड सेफ्टी बिल के विरोध में आटो, टैक्सी, केमू और रोडवेज के पहिए बुधवार को थमे रहेंगे।
यात्रियों को आने-जाने में समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। वहीं बैंकों में हड़ताल रहेगी जबकि स्टेट बैंक आफ इंडिया में हड़ताल नहीं है।
चालक रोड सेफ्टी बिल का विरोध कर रहे हैं। रोड सेफ्टी बिल में दुर्घटना होने पर चालक पर 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही चालक को 10 वर्ष तक की सजा भी हो सकती है।
बिल में हुए उक्त संशोधन के विरोध में और केंद्र सरकार की कर्मचारी/मजदूर विरोधी नीतियों के चलते 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने हड़ताल का आह्वान किया है।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी का पुतला भी फूंका जाएगा। दूसरी ओर विभिन्न मांगों को लेकर बैंकों में हड़ताल रहेगी।
विभिन्न यूनियन के नेता बुधवार को बुद्ध पार्क में जमा होंगे और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में बिगुल फूंकेंगे। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता कमल पपनै ने बताया कि केंद्रीय परिवहन मंत्री का हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन पर पुतला फूंका जाएगा।
दूसरी ओर केमू की लगभग चार सौ गाड़ियां पहाड़ पर चलती हैं। केमू कर्मियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को केमू की गाड़ियां भी समर्थन में नहीं चलेंगी।
जो गाड़ियां मंगलवार को सवारी लेकर पहाड़ गई हैं वे बृहस्पतिवार को लौटेंगी। दूसरी ओर आटो और टैक्सी के पहिए भी थमे रहेंगे।
आटो यूनियन के नेता केदार पलड़िया ने बताया कि स्कूली बच्चे ले जाने वाले आटो को छूट दी गई है। उनके बच्चे को लाने और ले जाने पर कोई रोक नहीं होगी।
उत्तराखंड परिवहन मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुषमा चौधरी ने बताया कि संघ हड़ताल पर नहीं है मगर उक्त यूनियनों की मांग जायज है इसलिए उनको समर्थन दिया जाएगा।