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फर्जी प्रमाणपत्र प्रकरण में पुलिस ने तीन लोगों को उठाया, नगर पालिका कर्मी से भी चल रही पूछताछ

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प्रतीकात्मक फोटो।
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रामनगर (नैनीताल)। सेना भर्ती के लिए लगाए गए फर्जी प्रमाण पत्र प्रकरण में पुलिस ने तीन लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है। इनमें नगर पालिका का एक कर्मचारी भी है। हालांकि पूछताछ से पुलिस कोई ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। वहीं एसडीएम ने कार्रवाई के लिए कोतवाली में तहरीर दी है।
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बता दें, कि रामनगर के चार युवाओं ने सेना भर्ती में अपना स्थायी और जाति प्रमाण पत्र लगाया था। चारों ने दस्तावेज में खुद को रामनगर निवासी और जाति कुमाऊंनी राजपूत दर्शाया है। इन युवाओं के प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए थल सेना भर्ती कार्यालय अल्मोड़ा ने अक्तूबर में रामनगर तहसील भेजे थे। सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्रों की जांच की गई तो वह फर्जी निकले। उसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई। जांच में संबंधित युवा प्रमाणपत्र पर दर्ज पते पर नहीं मिले।
एसडीएम ने बृहस्पतिवार को फर्जी प्रमाणपत्र लगाने वाले फूल सिंह, उमेश कुमार, बृजेश कुमार, उत्तम कुमार के खिलाफ तहरीर सौंपी है। पुलिस ने मामले में पूछताछ के लिए तीन लोगों को उठाया है। इनमें नगर पालिका का एक कर्मचारी, दूसरा बार्बर और तीसरा अन्य युवक है।
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सूत्रों की मानें तो नगर पालिका के कर्मचारी की मिलीभगत से फर्जी प्रमाण पत्र बने हैं। दूसरी ओर एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने बताया कि विभागीय जांच में युवकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए और कोतवाली में चारों के खिलाफ तहरीर सौंपी है। ईओ नगर पालिका भरत त्रिपाठी ने बताया कि उनके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से पुलिस ने पूछताछ की है। कोतवाल रवि कुमार सैनी ने बताया कि मामले में तीन लोगों से पूछताछ की गई है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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