हल्द्वानी। पुलिस और पीएसी के जवानों को प्रशिक्षण के दौरान अल्पसंख्यकों से संबंधित पाठ भी पढ़ाया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसका पाठ्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी राज्य अल्पसंख्यक आयोग को सौंपी है। आयोग अपने राज्य के अल्पसंख्यकों के हालात के मद्देनजर पाठ्यक्रम बनाएगा। इसके लिए आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं।
पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में जवानों की भर्ती के बाद उन्हें खासतौर पर मुस्लिम और साथ ही अन्य अल्पसंख्यकों के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक हालात से रूबरू कराया जाएगा। पाठ्यक्रम में राज्य में अल्पसंख्यकों की आबादी, उनके रहन-सहन और सामाजिक क्रियाकलापों की जानकारी दी जाएगी।
मुस्लिम बहुल जिलों ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, हरिद्वार और देहरादून को आधार बनाकर पाठ्यक्रम बनाया जाएगा। इसमें बड़े त्योहारों और धार्मिक मान्यताओं को भी इसमें समाहित किया जाएगा। इसका मुख्य कारण यह है कि अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में तैनाती के दौरान या कभी कोई बड़ी घटना होने पर पुलिस और पीएसी मानवीय दृष्टिकोण को मद्देनजर रखते हुए कदम उठाए।