गणतंत्र दिवस और कुमाऊं में अलर्ट के बावजूद नैनीताल में फोर्स बढ़ने के बजाय घट रही है। जिले की करीब 60 फीसदी फोर्स अर्द्ध कुंभ में चली गई है। 28 जनवरी को फिर से पुलिस फोर्स की एक खेप हरिद्वार अर्द्ध कुंभ ड्यूटी के लिए भेजी जाएगी। जबकि कई पुलिसकर्मी विशेष कारणों से भी छुट्टी पर हैं। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल अब फोर्स की कमी को पूरा करने के लिए चौकीदारों का सहयोग लेने पर विचार कर रही हैं।
देश में लगातार हो रहे आतंकी हमलों और आईबी के इनपुट के आधार पर डीजीपी ने उत्तराखंड में अलर्ट घोषित किया है। आईबी से मिल रहे इनपुट के आधार पर उत्तराखंड में संदिग्धों का सफाया नहीं हुआ है। ऐसे में जब जिले में पुलिस फोर्स की संख्या बढ़नी चाहिए, तो करीब दो खेप फोर्स कुंभ भेजी जा चुकी है। इसके अलावा नैनीताल में आबादी भी तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में पर्याप्त संख्या में पुलिस फोर्स नहीं है। एसएसपी कार्यालय के मुताबिक जिले में सात निरीक्षक, 67 उपनिरीक्षक, छह महिला उपनिरीक्षक, 20 विशिष्ट श्रेणी के उपनिरीक्षक, 23 हेड कांस्टेबल, 605 कांस्टेबल और 125 महिला कांस्टेबल की जरूरत है, लेकिन हरिद्वार में अर्द्ध कुंभ स्नान होने के कारण पुलिस फोर्स की दो खेप पहले भेजी जा चुकी है। तीसरी खेप 28 जनवरी को भेजी जाएगी। इसमें 16 उपनिरीक्षक, एक महिला उपनिरीक्षक, 12 हेड कांस्टेबल, 98 कांस्टेबल और 32 महिला कांस्टेबल शामिल हैं। इसके बाद जिले में पांच निरीक्षक, 34 उपनिरीक्षक, तीन महिला उपनिरीक्षक, 20 विशेष श्रेणी उपनिरीक्षक, 55 हेड कांस्टेबल, 421 कांस्टेबल, 71 महिला कांस्टेबल ही बचेंगे। इस प्रकार जिले की करीब 60 फीसदी फोर्स अर्द्ध कुंभ में चली जाएगी। वर्तमान में हरिद्वार में संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद यह सिद्ध हो गया है कि कुमाऊं में भी आतंक की काली छाया पड़ रही है। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल का कहना है कि कानून व्यवस्था और यातायात की स्थिति को देखते हुए अब चौकीदारों और अन्य लोगों का सहयोग लिया जाएगा। जनता को भी सक्रिय किया जा रहा है। संदिग्धों की जांच करने के लिए पुलिस सत्यापन कार्य कर रही है। सुरक्षा के लिए नागरिकों की भी टोली बनाई गई है।