हल्द्वानी। नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही प्राइवेट स्कूलों में बच्चों का दाखिला कराने वालों की जेब ढीली होने लगी है। कोरोना संक्रमण के चलते भले ही नर्सरी से लेकर पांचवीं तक की कक्षाओं के निजी स्कूल अभी नहीं खुले हैं मगर इन कक्षाओं में पूरी फीस वसूली जा रही है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल अन्य चार्जेज भी वसूल रहे हैं।
हल्द्वानी महानगर में 56 पब्लिक स्कूलों के अलावा सौ से अधिक निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। स्कूलों में दाखिले के दौरान फीस के साथ वार्षिक फीस ली जाएगी या नहीं, इस संबंध में सरकार की ओर से कोई दिशा निर्देश नहीं है। कई निजी एवं पब्लिक स्कूलों में दाखिला शुल्क के नाम पर 15 से 20 हजार रुपये लिए जा रहे हैं।
अभिभावक की पीड़ा
अभिभावक पंकज बिष्ट ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे का दाखिला नैनीताल रोड स्थित एक स्कूल में नर्सरी में कराया है। नर्सरी की पूरी फीस के साथ ही सभी वार्षिक शुल्क भी जमा किए हैं जबकि पढ़ाई अभी घर से ही चलेगी। कुछ पब्लिक स्कूल नामचीन होने का फायदा उठाकर बच्चे का दाखिला करने से पहले टेस्ट और अभिभावकों का इंटरव्यू तक ले रहे हैं जबकि आरटीई के नियमों में इस पर रोक है।
बसें न चलने से परेशानी
हल्द्वानी। कई स्कूल सोमवार से खुल गए हैं। छठी से नौवीं और11वीं के बच्चे आने शुरू हो गए हैं। कई स्कूलों में स्कूल बसें न चलाने की वजह से अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। कई स्कूलों में कोरोना संक्रमण से बचाव के इंतजाम किए गए हैं। सैनिटाइजेशन और मास्क समेत सामाजिक दूरी पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
शिकायतों की जांच को गठित होगी कमेटी
हल्द्वानी। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि स्कूलों में नियमों का पालन हर हाल में कराया जाएगा। अगर किसी अभिभावक को कोई शिकायत है तो वे शिक्षा अधिकारी के साथ ही उनके कार्यालय में भी कर सकते हैं। कोई भी स्कूल मनमाने ढंग से फीस नहीं वसूल सकता। स्कूल शासनादेश के अनुसार ही फीस ले सकते हैं। शिकायतों की जांच करने के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी को एक कमेटी गठित करने के आदेश भी दिए हैं।
अभिभावक कर सकते हैं शिकायत
हल्द्वानी। मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने कहा कि कोई भी निजी स्कूल रि-एडमिशन चार्जेज और कॉशनमनी नहीं ले सकते हैं। अगर इसकी कोई शिकायत मिली तो कार्रवाई होगी। नर्सरी से लेकर कक्षा पांच तक की जो कक्षाएं अभी संचालित नहीं हो रही उनकी केवल ट्यूशन फीस ही शासनादेश के अनुसार ली जाएगी। अगर किसी अभिभावक को किसी स्कूल को लेकर कोई शिकायत है तो वे जिला शिक्षा विभाग के भीमताल कार्यालय को ई-मेल आईडी पर भेज सकते हैं।
नर्सरी से कक्षा पांच में नए दाखिलों पर स्कूलों में प्रवेश फीस के साथ ही वार्षिक शुल्क लिया जा रहा है। पहले मासिक फीस के साथ मैसेज का पैसा नहीं लिया जाता था लेकिन इस बार से मैसेज चार्जेज लिए जाने का निर्णय लिया गया है। जब ऑनलाइन पढ़ाएंगे तो इसके चार्जेज लेना मजबूरी है। लॉइव क्लासें साफ्टवेयर के माध्यम से चल रही हैं जिसपर प्रतिमाह काफी व्यय होता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के बाद फीस जमा करने नहीं आ रहे हैं। जो कक्षाएं ऑफलाइन चल रही हैं उन बच्चों से पूरी फीस लेने के आदेश कोर्ट के साथ ही शासन द्वारा भी दिए जा चुके हैं।
- कैलाश भगत अध्यक्ष, पब्लिक स्कूल एसोसिएशन
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प्रवेश शुल्क
वार्षिक शुल्क
स्मार्ट क्लास शुल्क
लाइब्रेरी शुल्क
कंप्यूटर शुल्क
खेल शुल्क
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ट्यूशन फीस में विभिन्न मद शामिल
हल्द्वानी। कई स्कूलों ने फीस में शामिल अलग-अलग मदों को हटाकर अब ट्यूशन फीस में ही समायोजित कर दिया गया है। इसका कारण लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान शासन ने ट्यूशन फीस लेने के आदेश दिए थे। इस वजह से अन्य चार्जेज न लिए जाने के कारण कई स्कूलों को फीस कम मिल पाई थी।