जिलाधिकारी दीपक रावत ने खनन समिति की बैठक में अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन निगम के अधिकारी नदियों के चोर रास्तों में खाई खुदवाएं।
खनन समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी श्री रावत ने कहा खनन बंद हो चुका है। अक्टूबर में खनन शुरू होगा। इससे पूर्व सभी खनन गेटों पर सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएं। जिससे अवैध खनन और ओवरलोडिंग रोकी जा सके। एडीएम, एआरटीओ, वननिगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रात्रि में चेकिंग करें। नदी किनारे भी गश्त की जाए। एआरटीओ वाहनों के चेचिस नंबर, स्पीड गवर्नर व रेडियो फ्रिक्वेंसी, आईडेंटीफिकेशन डिवाइस एवं रिफलेक्टर होने पर ही फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करें। बैठक में तय हुआ कि खनन सत्र में परमिट वाले जिन वाहनों ने एक बार भी खनन चक्कर नहीं लगाया उनके खनन परमिट निरस्त किए जाएंगे।
वन निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अक्टूबर में खनन सत्र में लेबर वेलफेयर के लिए अनिवार्य रूप से कार्य करें। उन्हें कंबल वितरण कराएं और मेडिकल कैंप लगाए। श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए मुस्कान केन्द्र भी चलाएं। एसएसपी सैथिल अबुदई ने कहा कि खनन सत्र में शिकायत मिली थी कि जेसीबी और पोकलैंड से भी खनन हो रहा है, जो कि पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। खनन समिति से अनुरोध किया कि जनपदों के सभी जेसीबी और पोकलैंड मालिकों की सूची बनाकर उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट आरडी पालीवाल, एसडीएम रामनगर एसएस जंगपांगी, अपर उप जिलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सीओ राजेंद्र सिह हंयाकी, सीओ रामनगर मिथिलेश कुमार, उपनिदेशक खान राजपाल लेघा, एआटीओ गुरुदेव सिंह, डीएलएम दिवाकर बिष्ट, एससी सोनी, जेपी भट्ट, एसडीओ बीएस साही, एनसी पंत उपस्थित थे।