रामनगर में रानीखेत रोड में हुए अतिक्रमण के मामले में सरकार की ओर से शपथपत्र दायर कर कहा गया कि 63 लोगों को चिन्हित किया गया है और उन्हें हटाने के लिए नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस आधार पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रामनगर निवासी दिनेश चंद्र सती ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि रानीखेत रोड व पीरूमदारा रामनगर में अतिक्रमण किया गया है जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पडता है।
याचिकाकर्ता की ओर से अतिक्रमण को हटाए जाने की मांग की गई थी। इस संबंध में सरकार की ओर से शपथपत्र दायर कर कहा गया था कि इस संबंध में रामनगर में 63 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर लिया गया है और इसमें नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस आधार पर जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।