हल्द्वानी। पुरानी आईटीआई स्थित एक एकेडमी के पास रहने वाले अचार व्यवसायी ने रविवार शाम फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। पूछताछ में पता चला है कि व्यवसायी के पिता की एक साल पहले मौत हुई थी। इस कारण बेटा सदमे में रहता था।
पुरानी आईटीआई विद्या पुष्प एकेडमी निवासी अमन अरोड़ा (20) पुत्र स्व. बंसत अरोड़ा इंटर में पढ़ाई करने के साथ मंगलपड़ाव पुरानी सब्जी मंडी स्थित अपने पिता की अचार की दुकान चलाता था। दुकान चलाने मेें उसकी बहनें भी सहयोग करती थीं। रविवार दोपहर खाना खाने के बाद अमन अपने कमरे में चला गया। शाम तक बाहर नहीं निकलने पर बहनों ने दरवाजा खोला तो देखा कि अमन ने छत की कुंडी से फांसी लगा ली है।
चीखपुकार सुनकर पड़ोस भी पहुंच गए। परिजन युवक को बरेली रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विश्वास नहीं होने पर परिजन उसे एसटीएच भी लेकर गए, वहां भी डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसकी पुष्टि मेडिकल चौकी प्रभारी मनवर सिंह ने की है। चौकी प्रभारी मनवर सिंह बताया कि युवक के परिजन मिलने के लिए आए थे, वे शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। परिजन सिटी मजिस्ट्रेट से मिलने की बात कह रहे थे।
इकलौते भाई की मौत से बहनें सदमे में
घटना की जानकारी मिलने पर मंडी चौकी प्रभारी दिनेश जोशी ने मौके का मुआयना किया। पुलिस को युवक के कमरे में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बहनों ने बताया कि पिता की एक साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद भाई को गहरा सदमा पहुंचा था। भाई दुकान नहीं जाने की स्थिति में कमरा बंद कर सो जाता था। रविवार को भी बहनों ने समझा कि वह सोया है। किन कारणों से उसने फांसी लगाई, इसके बारे में जानकारी नहीं है। तीन भाई-बहनों में अमन सबसे छोटा था। इकलौते भाई की मौत से बहनें सदमे में हैं।