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‘किसी को बेघर नहीं होने देंगे, कोर्ट जाएंगे’

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रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाए जाने के लिए नोटिस चस्पा करने के बाद गफूर बस्ती के लोगों से मिलने पहुंच - फोटो : HALDWANI
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हल्द्वानी। रेलवे की ओर से हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के आसपास गफूर बस्ती, नई बस्ती समेत अन्य क्षेत्रों में बसे 1581 लोगों को नोटिस देने के बाद कांग्रेस सामने आ गई है। रविवार को एआईसीसी सदस्य सुमित हृदयेश और कांग्रेस नेता हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी भी रविवार को गफूर बस्ती, नई बस्ती और ढोलक बस्ती पहुंचे। दोनों नेताओं ने कहा कि किसी को बेघर नहीं होने दिया जाएगा। गरीबों का आशियाना बचाने के लिए न्यायालय की शरण में भी जाएंगे।
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कांग्रेस नेता सुमित हृदयेश ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में मलिन बस्तियों को लेकर एक अध्यादेश पारित किया गया था। अध्यादेश के अनुसार राज्य सरकार जब तक दूसरे जगह इन लोगों को नहीं बसाती है तब तक किसी तरह की कार्रवाई वैधानिक नहीं है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट इस मामले में स्टे दे चुका है। दोबारा यह नोटिस कैसे जारी हुआ है इसको लेकर अधिवक्ताओं से कानूनी परामर्श लिया जा रहा है। कानूनी परामर्श के बाद न्यायालय के शरण में जाएंगे।
कांग्रेस नेता हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी भी रविवार को गफूर बस्ती पहुंचे। कहा कि 2007 में रेलवे की भूमि के मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उसके बाद 2016 में सुप्रीम कोर्ट गए थे और स्टे लेकर आए थे। अब फिर रेलवे का जिन्न बाहर आया है। रेलवे के नोटिस का जवाब कोर्ट में दिया जाएगा। साथ ही सड़क से लेकर अदालत तक गरीबों के साथ हैं।
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बैठक में नोटिस का मामला उठा
हल्द्वानी। जनसमस्या निवारण समिति की वार्ड-24 में हुई बैठक में रेलवे की ओर से नोटिस लगाने का मामला उठाया गया। समिति अध्यक्ष सैफ अली सिद्दीकी ने कहा कि यह नोटिस गलत जारी हुए हैं। मामले में राज्य संपदा अधिकारी को रिव्यू एप्लीकेशन दी जाएगी। यहां समिति उपाध्यक्ष तैय्यब रजा आजाद, सचिव शाहिद, कोषाध्यक्ष मो. मोबीन, मो. निशात, मो. उवैश गफ्फारी, अशफाक आदि मौजूद थे।
‘हटाने से पहले सिर छिपाने का इंतजाम हो’
हल्द्वानी। रेलवे की ओर से हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाकों में बेदखली का नोटिस लगाए जाने से लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि हटाने से पहले उनके सिर छिपाने का इंतजाम किया जाए। गफूर बस्ती की सईदा बेगम का कहना है कि अगर हटाना है तो सिर छिपाने के लिए रहने की व्यवस्था की जाए। इदरीश बानो का कहना है कि गरीब लोग हैं, ठंड में कहां जाएंगे। सलीम सैफी का कहना है कि मामले को कोर्ट में लेकर जाएंगे। हमीद का कहना है कि जो भी फैसला है, उसका सम्मान होगा। वहीं, ढोलक बस्ती के नक्शे अली और बिक्कू का कहना है कि भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी हुई। भोलू और मोहर का भी कहना है कि सभी लोग परेशान हैं।
बिना सीमांकन किए कैसे जारी कर दिए नोटिस : बल्यूटिया
हल्द्वानी। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने कहा कि भारतीय रेलवे ने 29 एकड़ भूमि का सीमांकन किए बिना किस आधार पर नोटिस जारी किए। राज्य सरकार और नगर निगम बताए कि किस आधार पर उक्त भूमि पर सरकारी स्कूल और चिकित्सालय बनाए गए। सरकार और नगर निगम क्यों चुप है। भूमि विवाद के निस्तारण में आगे आकर अपनी भूमिका क्यों नहीं निभा रहे हैं। रेलवे के नोटिस को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
गफूर बस्ती के मामले का समाधान जल्द होना चाहिए। एक फरमान और कुतर्कों के आधार पर इतनी बड़ी आबादी को उजाड़ना मानवता के खिलाफ है। चुनावी वर्ष में इसका राजनीतिक लाभ लेने के लिए भाजपा काम कर रही है। वर्षों पुराने इस मामले में सिर्फ चुनाव के समय ही कार्रवाई करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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-ललित जोशी, पीसीसी सदस्य
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