उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय भी अब पीएचडी और एमफिल करा सकेगा, इसकी मंजूरी यूजीसी ने दे दी है। मुक्त विश्वविद्यालय ने इसके लिए यूजीसी को अनुबंधपत्र भी भेज दिया है। अब केवल यूजीसी से मंजूरी पत्र आने का इंतजार है, उसके बाद पीएचडी एवं एमफिल में प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय मेें भी विद्यार्थियों को प्रबंधन, पत्रकारिता, वाणिज्य, शिक्षाशास्त्र, हिंदी, समाजशास्त्र, इतिहास, अंग्रेजी, संस्कृत एवं राजनीतिशास्त्र विषय में पीएचडी कराई जा रही थी।
लेकिन वर्ष 2014 में यूजीसी ने अधिसूचना जारी कर मुक्त विश्वविद्यालय से दूरस्थ शिक्षा माध्यम से पीएचडी एवं एमफिल की पढ़ाई करने पर रोक लगा दी थी। इस कारण मुक्त विश्वविद्यालय को पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया बीच में ही निरस्त करनी पड़ी थी।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय में आहूत बैठक में भाग लेकर लौटे उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने बताया कि मंत्रालय के दखल के बाद यूजीसी ने मुक्त विश्वविद्यालयों को भी पीएचडी एवं एमफिल कराने की स्वीकृति दे दी है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से यूजीसी को अनुबंधपत्र भी दे दिया गया, अब केवल स्वीकृति पत्र आने का इंतजार है। कुलपति ने बताया कि 9 सितंबर को होने वाली विश्वविद्यालय कार्य परिषद की बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा। उसके उपरांत प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।