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Nainital News: चार धाम यात्रा के मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक संबंधी याचिका खारिज

Sat, 10 May 2025 01:49 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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प्रतीकात्मक
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नैनीताल। हाल ही में पहलगाम में हिन्दुओं को मारे जाने सहित पूर्व में गुजरात के अक्षरधाम, वाराणसी के शीतलाघाट मंदिर सहित विभिन्न हिंदू मंदिरों को निशाना बनाए जाने का हवाला देते हुए चार धाम यात्रा में शामिल मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांंग वाली जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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भूपतवाला हरिद्वार निवासी स्वामी आनंद स्वरूप ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों में से प्रत्येक का बहुत अधिक धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। याचिकाकर्ता ने राज्य में व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिए कुछ सुझाव दिए, जिनकी अब तक अनदेखी की गई है। याचिका में कहा गया था कि धार्मिक स्थलों, विशेष रूप से केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री स्थित चारधामों को अपवित्र करने के जोखिम को कम करने के लिए इन तीर्थ स्थलों के मंदिरों में प्रवेश से पहले एक तंत्र स्थापित किया जाए ताकि यात्रा के दौरान केवल तीर्थयात्री ही तीर्थ स्थलों पर जा सकें।

पूर्व में केदारनाथ मंदिर को आपदा का सामना करना पड़ा है। इसके कारण भारी जनहानि हुई और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों के लिए यह आवश्यक है कि वे तीर्थस्थल पर आने वाले व्यक्तियों का विधिवत सत्यापन करें। इसलिए पंजीकरण की प्रक्रिया और भौगोलिक क्षमता के अनुसार इन तीर्थस्थलों पर जाने के लिए प्रवेश दिया जाना चाहिए। ये सभी तीर्थस्थल हैं और राज्य का कर्तव्य है कि वह यात्रा की पूरी अवधि के दौरान सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करें ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।
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याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हाल ही में पहलगाम में निर्दोष भारतीय नागरिकों की हत्या की एक बहुत ही क्रूर घटना हुई है इसलिए राज्य को यात्रा सीजन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिए जाए। याचिका में कहा गया है कि पूर्व में असामाजिक तत्वों ने विभिन्न हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया है। 24 सितंबर 2002 को गुजरात के अक्षरधाम मंदिर पर हमला हुआ था, जहां मंदिर में मौजूद कई श्रद्धालु मारे गए थे। 7 दिसंबर 2010 को शीतलाघाट, वाराणसी में एक और बम विस्फोट की घटना हुई थी, जो हिंदुओं के लिए एक प्रमुख पवित्र स्थल है। याचिकाकर्ता की ओर से पवित्र स्थलों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के उपाय करने तथा किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने, धार्मिक स्थलों में प्रवेश को विनियमित करने के लिए तंत्र स्थापित करने व यात्रा में शामिल मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की थी।
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