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गन्ना किसानों का बकाया भुगतान 20 सितंबर तक

Fri, 01 Sep 2017 01:09 AM IST
राजीव शुक्ला
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बैठक लेते सीएम - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि गन्ना किसानों के 114 करोड़ रुपये के बकाए भुगतान पर कैबिनेट की मुहर भर लगनी शेष है और 20 सितंबर तक बकाए का भुगतान हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों का 11 सौ करोड़ का ऋण माफ करना सरकार के लिए संभव नहीं है।
बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में हुई विशेष बातचीत में मुख्यमंत्री कहा कि किसानों को राहत देने के लिए दो प्रतिशत की ब्याज दर पर लघु सम्मान ऋण योजना की शुरू की जा रही है। इसके लिए 25 सितंबर की तारीख नियत की थी मगर प्रधानमंत्री की बैठक होने के कारण पहले ही योजना शुरू की जाएगी। किसानों को लाभ देने के लिए प्रोसेसिंग, मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। सीड रिप्लेसमेंट से फसलों में 20 प्रतिशत का इजाफा होगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रधानमंत्री के 2022 तक किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि अब एसडीएम को भी क्षेत्रों का भ्रमण करना पड़ेगा। सिर्फ कार्यालय और घर में बैठकर ऑफिस चलाने से काम नहीं चलेगा। प्रतिमाह पांच-पांच स्कूलों, सड़कों, स्वास्थ्य केंद्रों, आबकारी की दुकानों और राशन की दुकानों की जांच कर रिपोर्ट डीएम के माध्यम से सरकार को भेजनी होगी।
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विवेकाधीन कोष का हुआ दुरुपयोग
हल्द्वानी। सीएम ने कहा कि पिछली सरकार में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का जमकर दुरुपयोग किया गया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को एक बंडल दिया तो उसमें तराई के ही आवेदन निकले वो भी एक ही नाम के। किसी आवेदन में दाएं तो किसी में बाएं हाथ का अंगूठा लगा था और कहीं हस्ताक्षर थे।

सीआईटी जांच पर मौन साध गए सीएम
हल्द्वानी। खराब चावल की एसआईटी जांच को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मौन साध गए। उन्होंने कहा कि स्टोर में खराब चावल पड़ा रहता था और सिर्फ चालान चला जाता था। बाजार से 18 सौ रुपये की दर से चावल खरीद लिया जाता था। पूछा गया कि चावल की जांच के लिए एसआईटी ऊधमसिंह नगर में ही काम करेगी या उसका दायरा नैनीताल जिले तक होगा, इस पर मुख्यमंत्री कुछ नहीं बोले।

एसटीएच में सृजित होगा न्यूरो सर्जन का पद
मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को चिकित्सा-शिक्षा सचिव, चिकित्सा-शिक्षा निदेशक, राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और जिलाधिकारी नैनीताल को एसटीएच में न्यूरो सर्जन का स्थायी पद सृजित करने के की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए।  कहा कि प्राचार्य की ओर से प्रस्ताव आने के बाद तत्काल पद स्वीकृत किया जाए। सुशीला तिवारी अस्पताल की बदहाली को लेकर अमर उजाला प्रमुखता से खबरें प्रकाशित करता रहा है। 
 मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों पर डाक्टरों की कमी के साथ ही ओपीडी की संख्या भी खासी कम थी। बागेश्वर में 12, पिथौरागढ़ में 18 डॉक्टर भेजे गए। साथ ही टिहरी में ओपीडी 125 से बढ़कर 550 हो गई है। सीएम ने दावा किया कि अप्रैल से अगस्त तक के आंकड़े लिए जाएं तो अल्मोड़ा समेत अन्य पर्वतीय जिलों में ओपीडी में मरीजों की संख्या खासी बढ़ी है। पिथौरागढ़ में लिंगानुपात घटकर 830 पहुंच गया है जो चिंता का सबब है। सरकार का प्रयास है कि सभी जिला अस्पतालों में बेहतर उपकरण मुहैया कराए जाएं। सीएम ने कहा कि विशेषज्ञ डाक्टरों को प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपये देने के साथ ही मकान भत्ता भी सरकार देने को तैयार है। इस मामले में सेना के साथ बात चल रही है। साथ ही, 70 वर्ष की आयु तक डॉक्टर अपनी सेवाएं दे सकते हैं। सीएम ने दावा कि अब अस्पतालों में 146 की जगह 750 दवाओं की उपलब्धता है। कहा कि 204 नए डाक्टर निकले हैं और जल्द ही इनकी तैनाती की जाएगी। 
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 मुख्यमंत्री रावत ने एसटीएच में एक वर्ष से ऑपरेशन के लिए परेशान बाबा की खबर का भी संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि एसटीएच के कुछ विभाग एवं डाक्टर अपनी कार्यशैली में सुधार कर लें और मरीजों का हर संभव इलाज करें। डॉक्टरों ने अगर सुधार नहीं किया तो कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि बदहाल हो चुकी 108 एंबुलेंस को जल्द ही बदला जाएगा।
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