रामनगर। ग्राम भगुवाबंगर के ग्रामीणों ने पक्की सड़क के निर्माण की मांग को लेकर मंगलवार से तीन दिवसीय क्रमिक अनशन शुरू दिया है। अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क संघर्ष समिति के बैनर तले मंगलवार को क्रमिक अनशन पर समिति के संयोजक खीमानंद बिष्टानिया, ग्राम प्रधान गोपाल सिंह रावत, नरेंद्र मोहन सिंह बिष्ट, मनीष रावत बैठे।
इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि बीते 25 वर्षों से उक्त क्षेत्र के ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार द्वारा लगातार ग्रामीणों की उपेक्षा के चलते पक्की सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को बरसात में आवागमन की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों को भी स्कूल जाने में कठिनाई उठाई पड़ती है।
उन्होंने कहा कि अपनी मांग को लेकर ग्रामीण प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक अपनी गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि राजनेता चुनावों के समय वादे, घोषणाएं कर जाते है लेकिन बाद में यह नेता भी अपने वादे भूलकर कुर्सियों पर बैठ जाते हैं। इस बार विधानसभा चुनाव में ग्रामीण नेताओं को इसका जवाब देंगे।
धरना स्थल पर बीडीसी मेंबर राम सिंह जलाल, ग्राम प्रधान राकेश नैनवाल, भाजपा नेता गोविंद सिंह मनराल, चंदन सिंह अधिकारी, मोहन चंद्र, दर्शनी देवी, जानकी देवी, दिनेश मेहरा, बबीता देवी, हीरा देवी, श्यामा रावत, सरस्वती बिष्टानिया, सुनीता रावत, माधवी देवी आदि थे।