रोडवेज बस अड्डे से दिल्ली, देहरादून, फरीदाबाद, नैनीताल रूट सहित सभी रूटों के लिए सोमवार को बसें नहीं गई। इससे दिल्ली, देहरादून जाने वाले यात्री सबसे अधिक परेशान रहे।
नए साल के पहले दिन रोडवेज बसों के चालकों के हड़ताल पर जाने से बस अड्डे पहुंचे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच डग्गामार वाहन चालकों की मौज रही। उन्होंने नैनीताल के 250 से 280 तो दिल्ली के लिए ढाई से तीन हजार रुपये वसूले।
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रोडवेज बस अड्डे से दिल्ली, देहरादून, फरीदाबाद, नैनीताल रूट सहित सभी रूटों के लिए सोमवार को बसें नहीं गई। इससे दिल्ली, देहरादून जाने वाले यात्री सबसे अधिक परेशान रहे। खासकर नए साल का जश्न मनाने के लिए पहुंचे नौकरीपेशा लोग सबसे अधिक परेशान नजर आए। सुबह करीब साढ़े 10 बजे एक टैक्सी चालक दिल्ली, फरीदाबाद के लिए सवारियों को आवाज लगाता नजर आया। पूछने पर उसने कहा कि दो सवारियां हो गई हैं और चार सवारियां और चाहिए। दिल्ली के लिए उसने पहले 3000 रुपये किराया बताया, लेकिन लोकल होने की बात कहने पर 2500 रुपये में दिल्ली छोड़ने की बात चालक ने कही।
वहीं नैनीताल के लिए कोई टैक्सी चालक 250 तो कोई 300 रुपये प्रति सवारी किराया बताते नजर आए। गुड़गांव के अमृत ने कहा कि थर्टी फर्स्ट मनाने के लिए यहां आए थे, लेकिन यहां आकर फंस गए।
इंटरसिटी भी बंद
हड़ताल का असर रुद्रपुर, सिडकुल, कालाढूंगी, काशीपुर जाने वाले यात्रियों भी पड़ा। रुद्रपुर-हल्द्वानी, लालकुआं-हल्द्वानी की इंटरसिटी बसों का संचालन भी ठप रहा। वहीं बाजपुर, काशीपुर, रामनगर के लिए चलने वाली मेल एक्सप्रेस भी नहीं चलने से लोग परेशान रहे।