नैनीताल। प्रदेश के अटल उत्कृष्ट विद्यालय सीबीएसई बोर्ड से संचालित होंगे या फिर उत्तराखंड बोर्ड से इसका फैसला अब अभिभावकों और विद्यार्थियों को करना है। अभिभावकों और विद्यार्थियों की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों की मान्यता पर फैसला लिया जाएगा। इन विद्यालयों की बोर्ड संबद्धता को लेकर शिक्षा विभाग ने अभिभावकों व छात्र- छात्राओं से रायशुमारी शुरू कर दी है।
नौनिहालों को छठी कक्षा से ही अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने वर्ष 2021 में प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो राजकीय इंटर काॅलेज को अटल उत्कृष्ट इंटर काॅलेज घोषित करते उन्हें सीबीएसई से संबद्ध किया था। ऐसा होने के बाद भी वर्ष 2023 में अधिकांश अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का बोर्ड परीक्षाफल बेहद खराब रहा। खराब परीक्षा परिणाम देखने के बाद शिक्षा सचिव ने शिक्षा निदेशालय से रिपोर्ट तलब की थी।
वहीं दूसरी ओर राजकीय शिक्षक संघ ने भी अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में पठन- पाठन के दौरान होने वाली दिक्कतों को प्रमुखता से उठाते हुए महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा से इन विद्यालयों को सीबीएसई से हटाकर फिर से उत्तराखंड बोर्ड के माध्यम से संचालित कराने की मांग की है।
अटल उत्कृष्ट विद्यालयों को बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन और राजकीय शिक्षक संघ की मांग को देखते हुए निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों व खंड शिक्षा अधिकारियों से कहा कि वे शिक्षक अभिभावक संघ, विद्यालय प्रबंध समिति, अभिभावकों व छात्र- छात्राओं से रायशुमारी करें कि इन विद्यालयों को सीबीएसई से ही संचालित किया जाए या फिर इन्हें वापस उत्तराखंड बोर्ड में शामिल कर लिया जाए।
अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक लीलाधर व्यास ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी अपने अपने क्षेत्रों में रायशुमारी कर रहे हैं। रिपोर्ट 15 अक्तूबर तक निदेशालय को भेज दी जाएगी। ऐसे में अब अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का भविष्य अभिभावकों और छात्र छात्राओं के हाथ में है।