हल्द्वानी। जिले की आठ विकासखंडों के 1039 जनप्रतिनिधि इस बार पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इन सभी ने 2014 में अलग-अलग पदों पर चुनाव लड़े थे और चुनाव खर्च का ब्योरा निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराया था। इस पर निर्वाचन आयोग ने इन प्रतिनिधियों को छह साल तक चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया है।
विकासखंड कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2014 में जिले में ग्राम पंचायत प्रधान पद पर चुनाव लड़े 572, क्षेत्र पंचायत पद के 391 और जिला पंचायत पद पर चुनाव लड़े 76 उम्मीदवारों ने चुनाव खर्च का ब्योरा पेश नहीं किया था। निर्वाचन आयोग द्वारा 27 जून 2015 को जारी आदेश के तहत इन प्रतिनिधियों को अगले छह साल तक चुनाव लड़ने के लिए अनर्ह घोषित कर दिया गया।
विकासखंड वार चुनाव खर्च का ब्योरा नहीं देने वाले प्रतिनिधियों की संख्या
विकासखंड ग्राम प्रधान बीडीसी सदस्य
हल्द्वानी 102 89
रामनगर 82 49
भीमताल 58 47
कोटाबाग 56 42
रामगढ़ 48 29
धारी 24 24
बेतालघाट 70 38
ओखलकांडा 137 73
इसके अलावा जिला पंचायत के 76 उम्मीदवारों ने भी आय-व्यय का विवरण पेश नहीं किया था।
कोट
उम्मीदवारों को चुनाव के दौरान खर्च का ब्योरा पेश करना होता है। जिन उम्मीदवारों ने खर्च का ब्योरा नहीं दिया। उनकी सूची ब्लॉक कार्यालय द्वारा निर्वाचन आयोग को भेजी गई। ऐसे प्रतिनिधि इस बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। -बसंत मेहता, सहायक विकास अधिकारी पंचायत।