त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार जिला पंचायत सदस्यों की सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा, कांग्रेस का खेल बिगाड़ सकते हैं। जिले में जिला पंचायत सदस्य की 27 सीटों पर कुल 126 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
जिपं सदस्य पद पर भाजपा और कांग्रेस ने भी अपने समर्थित प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। लेकिन 10 से 12 सीटें ऐसी हैं जिसमें निर्दलीय प्रत्याशी मजबूत बताए जा रहे हैं। इन सीटों पर अगर निर्दलीय प्रत्याशी जीतकर आते हैं तो सबसे अधिक चिंता भाजपा की बढ़ सकती है। भाजपा ने जिपं सदस्य की सीट पर 20 से अधिक समर्थित प्रत्याशियों को समर्थन दिया है। कांग्रेस ने जिपं सदस्य की आठ सीटों पर प्रत्याशियों को समर्थन दिया है।
ओखलकांडा, धारी, रामगढ़, बेतालघाट और हल्द्वानी की 10 से 12 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी मजबूत बताए जा रहे हैं। इसमें से कुछ प्रत्याशी भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में अगर 08 से 10 निर्दलीय प्रत्याशी जीत हासिल करके आते हैं तो जिला पंचायत अध्यक्ष में भाजपा और कांग्रेस को अपना अध्यक्ष बनाने में निर्दलीयों को साधना होगा। हालांकि भाजपा और कांग्रेस कुछ मजबूत निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी नजर बनाए हुए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष किसका बनेगा इसको लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चा लगातार बनी हुई है।