हल्द्वानी। कोटाबाग ब्लॉक में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नाबार्ड से पोषित परियोजना के तहत जैव नियंत्रण आधारित कीट प्रबंधन तकनीक लागू की जा रही है। यह पहल पंतनगर विश्वविद्यालय और काश्तकार विकास समिति कोटाबाग के संयुक्त प्रयास से संचालित हो रही है। इस तकनीक को ब्लॉक के पांच गांवों में अपनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत किसानों को जैविक कीट नियंत्रण के उपाय सिखाए जा रहे हैं।
परियोजना का उद्देश्य किसानों को रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों के प्रयोग से दूर रखते हुए मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाना और पर्यावरण के अनुकूल टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करना है। इसके लिए नाबार्ड की ओर से 44 लाख रुपये की परियोजना चलाई जा रही है जिसमें कोटाबाग यूनिट के लिए छह लाख रुपये प्रस्तावित हैं। इसमें जैव नियंत्रण यूनिट स्थापित कर किसानों को बायो कंट्रोल तकनीक पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे किसानों को स्वस्थ, टिकाऊ और लाभदायक जैविक खेती करने में सहायता मिलेगी।