नैनीताल। हाईकोर्ट ने बनभूलपुरा हिंसा में शामिल बताए गए 22 अभियुक्तों को जमानत देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने डिफॉल्ट अपील पर दायर जमानत प्रार्थनापत्रों पर सुनवाई के बाद पुलिस की ओर से समय पर चार्जशीट पेश नहीं करने पर उन्हें डिफॉल्ट का लाभ देते हुए यह निर्णय दिया। इनमें भोला उर्फ शुहैल, जावेद सिद्दकी, जावेद कुरैशी, शाहनवाज ,रईश अहमद अंसारी, अब्दुल माजिद सहित अन्य शामिल हैं। हिंसा के मुख्य आरोपियों की जमानत अभी नहीं हुई है।
हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट के उस आदेश को नियम विरुद्ध माना, जिसमें पुलिस को चार्जशीट पेश करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया था। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि कोर्ट ने पहले साफिया मलिक को जमानत दी। उसके बाद 50 अन्य लोगों को जमानत दी गई। उसी को आधार मानते हुए उन्हें भी जमानत पर रिहा किया जाए। प्रार्थनापत्र में कहा गया कि पुलिस ने मामले की जांच किए बिना उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 417, 420, 467, 468, 471 के तहत अभियोग पंजीकृत कर दिया। महीनों बीत गए, लेकिन पुलिस अभी तक उनका जुर्म साबित करने में नाकाम रही है, जबकि जुर्म होने के 90 दिन के भीतर पुलिस को चार्जशीट पेश करना आवश्यक है। इस मामले में पुलिस ने अब तक चार्जशीट पेश नहीं की। इसी आधार पर उन्हें जमानत दी जाए।
मलिक समेत 24 आरोपी अभी सलाखों के पीछे ही रहेंगे
हल्द्वानी। हाईकोर्ट के मंगलवार के आदेश के बावजूद हिंसा का मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक समेत 24 आरोपी अब भी सलाखों के पीछे रहेंगे। जिन लोगों की मंगलवार को जमानत मंजूर की गई, उनकी संख्या 22 है।
बनभूलपुरा के मामले में कुल तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे। विवेचना के बाद जो समय मिला था उसमें चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई। पहले भी कुछ को जमानत मिली थी। इसमें एक दो मामलों में अपील की गई है। अब जो जमानत हुई है उसकी आर्डर कापी अभी मेरे पास नहीं है। उसका अवलोकन करने के बाद ही अपील को लेकर निर्णय किया जाएगा।
प्रहलाद नारायण मीणा, एसएसपी