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वायरोलॉजी लैब बंद होने से अटके ऑपरेशन

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प्रतीकात्मक।
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हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब बंद होने से बाहर से हल्द्वानी आने वाले मरीजों के लिए संकट हो सकता है। कोविड 19 की जांच न होने पर निजी अस्पताल मरीजों का इलाज कैसे करेंगे यह बड़ा सवाल होगा। लैब बंद होने के कारण क्वारंटीन किए गए डॉक्टर समेत दस (नर्स और वार्ड ब्वाय) की रिपोर्ट भी अटक गई है। उधर, एसटीएच में भर्ती कोरोना पॉजिटिव 17 में चार की हालत गंभीर है।
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कोरोनाकाल में निजी अस्पतालों में भी जाने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। बुखार, खांसी या जुकाम होने पर कोविड 19 की जांच कराई जा रही है। मेडिकल कॉलेज की वायरोलाजी लैब बंद होने से निजी अस्पताल में आपरेशन रुक गए हैं। बुखार वाले मरीजों के आपरेशन की तिथि आगे बढ़ाई जा रही है। इस संबंध में डीएम बंसल का कहना है कि निजी अस्पताल अपने खर्च पर कोविड 19 की जांच रुद्रपुर की निजी लैब से या एनसीडीसी दिल्ली भेजकर करा सकते हैं। कहा कि सभी को कोरोना सैंपल लेने का प्रशिक्षण दिया गया है।
एसटीएच में कोरोना पाजिटिव मरीज के इलाज में लगे डाक्टर, नर्स और वार्ड ब्वाय को रामपुर रोड स्थित एक होटल में क्वारंटीन कर उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। लैब बंद होने के कारण इनकी रिपोर्ट भी अटक गई है। साथ ही आइसोलेशन में रखे गए कोरोना संदिग्ध 17 मरीज अपनी रिपोर्ट को लेकर बार-बार डाक्टरों से पूछताछ कर रहे हैं। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि मेडिकल कालेज में जितने सैंपल हैं वे दिल्ली भेजे जाएंगे। जिले के अन्य सैंपल सीएमओ के स्तर से एनसीडीसी दिल्ली भेजे जाएंगे। एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि जिले में शुक्रवार को कोई सैंपल नहीं लिया गया। रामनगर के कल के 23 सैंपल एनसीडीसी दिल्ली भेजे गए।
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