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वन मित्र कॉल सेवा सेंटर शुरू

Sat, 06 Jun 2015 01:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रामनगर
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वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने शुक्रवार को रामनगर वन विश्राम गृह में वन मित्र कॉल सेवा सेंटर का शुभारंभ किया। इस सेवा के जरिये आम आदमी को वनों से जोड़ने और वनों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के साथ ही वनों से संबंधित शिकायतों (अवैध शिकार, खनन, अतिक्रमण और कटान) का त्वरित निदान हो सकेगा।
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वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड इस सेवा को शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। बताया कि प्रायोगिक तौर पर यह सेवा कुमाऊं में शुरू की गई थी। मई तक 1142 सूचनाएं इस सेवा के माध्यम से प्राप्त हुईं, जिसमें 80 प्रतिशत सूचनाओं का संज्ञान लेकर वन महकमे ने कार्रवाई की है। इस सफल प्रयोग के बाद यह सेवा गढ़वाल के साथ ही पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गई है। इस कॉल सेवा (नंबर 9208008000) 24 घंटे काम करेगी। इस सेवा में एक साथ 300 लोग अपनी कॉल पंजीकृत करा सकते हैं। कोई भी सूचना या शिकायत पंजीकृत होने के बाद उप प्रभागीय वनाधिकारी से लेकर महकमे के सभी अधिकारियों तक पहुंच जाएगी और उसका निस्तारण कराया जाएगा।

वन मंत्री ने कहा कि वन विभाग से संबंधित कोई भी सूचना, अवैध कार्यों से संबंधित फोटो एवं वीडियो स्मार्ट फोन से सीधे वन विभाग को भेजी जा सकती है। इसके लिए वेब यूआरएल forestuk.in बनाया गया है। कार्यक्रम में वन महकमे के वरिष्ठ अधिकारी दिग्विजय खाती, परमजीत सिंह, राजेंद्र सिंह बिष्ट, कपिल जोशी, सुरेंद्र महेरा, के अलावा डीएफओ राहुल, कहकशां नसीम, उपनिदेशक डा. साकेत बडोला, चंद्रशेखर सनवाल, कोको रोसे, मानसिंह, जीएस कार्की, गणेश जोशी, जेपी सिंह, डा. निशांत पपनै, हेम भट्ट के अलावा कई मौजूद रहे।
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वन विभाग की उपलब्धियां गिनाईं
वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्नो-लैपर्ड की गणना जल्द शुरू की जाएगी, जबकि वर्तमान में प्रदेश के हाथियों की गणना का कार्य शुरू हो चुका है। प्रदेश में 65 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र है, जिसका संरक्षण, संवर्द्ध्रन तथा प्रबंधन विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में प्रदेश में 12 वर्ग किमी वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है। भारतीय वनजीव संस्थान द्वारा की गई बाघों की गणना में राज्य में बाघों की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्ष 2010 में 227 बाघ थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 340 हो गई है। प्रदेश में छह राष्ट्रीय उद्यान, सात वन्यजीव विहार और तीन संरक्षित क्षेत्र हैं। उन्हाेंने बताया कि वन विभाग से मालसी डियर पार्क देहरादून और हल्द्वानी में आधुनिक चिड़ियाघर निर्माण की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। वनों की सुरक्षा के लिए वन प्रहरियों की तैनाती कर स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 1700 वर्ग हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया गया है।
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