शहर में दस दिनों के अंदर सड़क हादसों के दौरान पांच लोगों की मौत हो गई है। कई लोग हादसे के दौरान घायल हो गए हैं। इस प्रकार हर दूसरे दिन एक व्यक्ति की मौत हुई है। इन हादसों में कहीं व्यवस्था तो कहीं सड़क की इंजीनियरिंग जिम्मेदार बतायी जा रही है।
बृजवासी कालोनी, पीलीकोठी निवासी बैंक कर्मी कैलाश चंद्र तिवारी का बेटा सुदित तिवारी सेंट थेरेसा स्कूल में 12वीं का छात्र था। 12 जनवरी को वह स्कूटी से फ्रेंड्स कॉलोनी में रहने वाले अपने दोस्त शुभम के घर से लौट रहा था। दो नहरिया रोड पर उसे टैंकर ने कुचल दिया।
छात्र की घटनास्थल पर मौत हो गई। 18 जनवरी को बरेली रोड पर पुरानी आईटीआई के समीप तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार पुजारी विनोद जोशी को रौंद दिया। पुजारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। 19 जनवरी को कुसुमखेड़ा रोड पर बैंक आफ बड़ौदा के पीओ मान पंकज की सड़क हादसे में मौत हो गई।
टेंपो से टकराने के बाद घायल पीओ को मुखानी पुलिस बेस अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीओ मूल रूप से मिर्जापुर (यूपी) जिले के सेमरा राजगढ़ का मूल निवासी थे।
20 जनवरी बुधवार की रात बरेली रोड पर तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से फौजी सहित दो लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। मृतकों में पिथौरागढ़ जिले के बेड़ीनाग निवासी गिरीश चंद्र पाठक और फौजी भास्करानंद पाठक शामिल थे।