नैनीताल। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद में ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण के लिए कड़े आदेश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों, कार्मिकों और विभागों को इन आदेशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है। अमर उजाला ने विभागों में अधिकारियों की ओर से ईंधन के दुरुपयोग पर 14 मई को खबर प्रकाशित की थी। डीएम ने हफ्तेभर के भीतर खबर का संज्ञान लिया है।
जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि जनपद के सभी अधिकारी और कार्मिक प्रत्येक शनिवार को कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का ही उपयोग करेंगे। सभी कार्मिकों से ईंधन की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अनावश्यक निजी वाहन के उपयोग से बचने का अनुरोध किया है।
ये निर्देश किए जारी
सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को हर शनिवार को दफ्तर आने-जाने के लिए बस या अन्य सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करना होगा।
सरकारी गाड़ी का उपयोग सिर्फ सरकारी आवास से दफ्तर आने-जाने के लिए ही होगा। अगर कोई अपने निजी घर से आता है, तो वह सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।
हर अधिकारी बहुत जरूरी सरकारी काम के लिए केवल एक ही सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल कर सकेगा।
पास में रहने वाले कर्मचारियों को एक साथ गाड़ी साझा करने को कहा गया है। इसके अलावा, बिजली से चलने वाले वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकारी कामों के लिए सफर करने के बजाय ज्यादा से ज्यादा इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन बैठकें की जाएंगी।
बिजली बचाने के लिए सरकारी दफ्तरों में वातानुकूलक का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रखा जाएगा।
दफ्तरों में बेवजह जलने वाली लाइटों और सजावटी रोशनी पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।