लंबे समय से ई-रिक्शा चालकों के लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया लटकी थी। नियमों के तकनीकी पेच के चलते लाइसेंस नहीं बन रहे थे, पर अब परिवहन मुख्यालय ने तत्काल प्रभाव से लाइसेंस बनाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में सभी आरटीओ को पत्र भेजा गया है।
ई- रिक्शा संचालन के लिए मोटर वाहन अधिनियम में कई छूट दी गई हैं। इसमें लाइसेंस भी है। व्यवसायिक लाइसेंस के लिए चालकों को आठवीं पास होना चाहिए, लेकिन इसमें शैक्षिक योग्यता के मापदंड, आवेदक के पास एक साल पुराना निजी लाइसेंस की शर्त थी। इसके अलावा टैंपो से लेकर ट्रक, बस जैसे बड़े वाहन चलाने के लिए मान्यता प्राप्त मोटर ट्रेनिंग स्कूल से 25 दिन का प्रशिक्षण, प्रमाण पत्र की जरूरत होती थी, पर इसमें यह छूट भी दी गई है।
10 दिन का प्रशिक्षण और ई-रिक्शा बेचने वाले डीलर या सोसाइटी के माध्यम से जारी प्रमाण पत्र को मान्यता दी गई थी। पर अब परिवहन मुख्यालय ने इन तमाम छूटों का उल्लेख करते हुए तत्काल प्रभाव से ई- रिक्शा चालकों का लाइसेंस बनाने का निर्देश दिया है। इस संबंध में अपर परिवहन आयुक्त का पत्र सभी आरटीओ कार्यालय को भेजा गया है। ऐसे में जल्द ही लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू होने के आसार हैं।
इसे लेकर स्थिति साफ नहीं
हल्द्वानी। अभी तक मोटर ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण लेने के मानक और नियम तय हैं। ट्रेनिंग देने वाला वाहन कैसा होगा, उसका रंग कैसा होगा सब तय होता है। इसमें ट्रेनर को आईटीआई पास होने जैसे नियम हैं। इसके अलावा प्रमाण पत्र भी आरटीओ कार्यालय से जारी होता है। पर ई रिक्शा लाइसेंस के मामले में ट्रेनर, वाहन आदि को लेकर स्थिति साफ नहीं थी, जिसके चलते मामला लटका हुआ था।