डाक्टरों की हड़तालका असर मरीज बेहोश
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सरकारी अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डा. एसके सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर बेस और महिला अस्पताल में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दी। संघ ने तीन सूत्रीय मांग पत्र राज्यपाल को भेजा है।
जसपुर के सरकारी अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की हत्या किए जाने को लेकर डाक्टरों में रोष है। प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ ने बृहस्पतिवार को आपात बैठक बुलाई। बैठक में डाक्टरों ने हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी, चिकित्सक के परिवार को मुआवजे के रूप में पांच करोड़ रुपये देने और प्रदेश के सभी राजकीय चिकित्सालयों में जहां आपातकालीन सेवाएं हैं, पुलिस चौकी बनाने की मांग की। संघ के अध्यक्ष डा. एसके गोस्वामी, महासचिव डा. एनएस नपलच्याल ने तीन सूत्रीय मांग पत्र राज्यपाल को भेजा।
संघ के शाखा सचिव डा. कुमुद पंत ने बताया कि अग्रिम आदेशों तक सभी सेवाएं बंद रहेंगी। पोस्टमार्टम की सेवाएं चलती रहेंगी। बैठक में सीएमओ डा. एलएम उप्रेती, सीएमए डा. एसी पंत, डा. भागीरथी जोशी, डा. शकील अनवर, डा. नीरज त्रिपाठी, डा. पीएस टाकुली, डा. विपिन पंत, डा. कल्पना पांडे, डा. एमएस बोरा, डा. एसएस बिष्ट, डा. टीडी रखोलिया, डा. एलएम रखोलिया, डा. पीएस खोलिया, डा. एमसी जोशी आदि थे।