अब हल्द्वानी में ही आईटीआई के अनुदेशक तैयार होंगे। इसके लिए केंद्र सरकार ने आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (एमआईटीआई) में संचालित आईटीआई के विभिन्न ट्रेडों की ट्रेनिंग को बंद कर दिया है तथा संस्थान को उच्चीकृत कर एटीआई का दर्जा दे दिया है।
एटीआई में आईटीआई प्रशिक्षित युवा क्राफ्ट इंस्ट्रेक्टर ट्रेनिंग स्कीम (सीआईटीएस) के अंतर्गत कोर्स कर अनुदेशक बनने का सर्टिफिकेट हासिल कर सकेंगे। यह सुविधा केवल देश के चार शहरों में शुरू की गई है। जिसमें हल्द्वानी को भी शामिल किया गया है।
रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय भारत सरकार द्वारा देश में चार स्थानों पर आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (एमआईटीआई) मेकेनिकल व्यवसाय में हल्द्वानी (उत्तराखंड) और चौदवार (उड़ीसा) में तथा इलेक्ट्रीकल / इलेक्ट्रानिक्स व्यवसाय में कालीकट (केरल) तथा ऊष्मा इंजन व्यवसाय में जोधपुर (राजस्थान) में संचालित किए जा रहे हैं।
इसमें स्थानीय उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप विशिष्ट ट्रेनिंग युवाओं को दी जाती थी। वर्ष 1981 में नैनीताल रोड पर स्थापित इस एमआईटीआई में विभिन्न ट्रेडों में युवकों को दो वर्षीय ट्रेनिंग दी जाती थी। केंद्र ने आईटीआई के चलने वाले विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम को बंद कर इस संस्थान में सीआईटीएस की ट्रेनिंग चलाने का फैसला किया है।
एमआईटीआई को उच्चीकृत किए जाने पर इसका नाम भी अब बदल कर एटीआई कर दिया गया है। इसी योजना के अंतर्र्गत एमआईटीआई में एडमिशन बंद कर दिए गए हैं तथा इस समय अंतिम बैच ट्रेनिंग ले कर पास आउट हो जाएगा तथा ट्रेडों की ट्रेनिंग केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज होकर रह जाएगी।
नये सत्र में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद इसमें प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसमें देश के किसी भी राज्य के जिले के रहने वाले चयनित अभ्यर्थी प्रवेश ले सकेंगे। सामान्य जाति के छात्रों के लिए प्रतिमाह फीस 150 रुपये तथा आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए 50 रुपये प्रतिमाह फीस निर्धारित की गई है। यहां कुल 100 सीट होंगी।