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अब तो वैकल्पिक मार्ग बनाने के बारे में सोचो 

Wed, 24 May 2017 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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सड़क - फोटो : amar ujala
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भवाली-अल्मोड़ा एनएच पर हर साल बरसात में होने वाले जबरदस्त भूस्खलन, पत्थर और बोल्डरों के गिरने से जानमाल का भारी नुकसान होता है। बावजूद इसके आज तक प्रशासन ने खैरना से काकड़ीघाट तक वैकल्पिक मार्ग बनाने के बारे में कोई पहल नहीं की है।
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हालांकि वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग वर्ष 2010 में उस वक्त जोरदार तरीके से उठी थी जब एनएच का एक बड़ा हिस्सा पहाड़ी के साथ दरकते हुए कोसी नदी में समा गया था। लोगों का मानना है कि यदि खैरना से काकड़ीघाट तक एनएच के दूसरी ओर कोसी किनारे वैकल्पिक सड़क बना दी जाए तो पहाड़ का सफर सुरक्षित बनाया जा सकता है। 

कहां से कहां तक खतरनाक है एनएच 

भवाली-अल्मोड़ा एनएच पर रोजाना सैकड़ों वाहनों की आवाजाही होती है। इस मार्ग पर खैरना से काकड़ीघाट तक की पहाड़ियां भौर्या बैंड, लोहाली की पहाड़ी, जौरासी और नावली समेत कई जगह भूस्खलन की दृष्टि से बेहद कमजोर और संवेदनशील हैं।
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हल्की बरसात तक होने पर पत्थर और बोल्डर गिरने लगते हैं। कई बार तो मौसम साफ होने के बाद भी इन स्थानों पर पत्थर और बोल्डर गिरते रहते हैं। इस रोड पर पिछले वर्षों के दौरान हुए हादसों में कई लोग जान गंवा चुके हैं। 

वैकल्पिक मार्ग के फायदे 

संबंधित क्षेत्र में एनएच के दूसरी तरफ कोसी किनारे यदि वैकल्पिक मार्ग तैयार हो जाता है तो इससे खैरना से काकड़ीघाट तक सफर तो सुरक्षित होगा ही, साथ ही एनएच भी बार-बार क्षतिग्रस्त होने से बचेगा। इसके अलावा अल्मोड़ा जिले के ज्याड़ी, वलनी, जनता, नौगांव, पटौरी आदि गांवों को भी सड़क सुविधा मिल जाएगी। साथ ही इस वैकल्पिक सड़क से अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और डीडीहाट आने-जाने वाले यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। 

पुल भी नहीं बनाना पड़ेगा 

खास बात यह है कि यदि नदी किनारे से वैकल्पिक मार्ग बनाया जाता है तो नदी के दोनों ओर विभाग को पुल बनाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि नदी के दोनों ओर खैरना और काकड़ीघाट में पहले ही पुल बने हुए हैं। जरूरत है तो बस प्रशासन एनएच के इस हिस्से में वैकल्पिक सड़क बनाने के बारे में गंभीरता से विचार करे। 

प्रतिबंध के बावजूद एनएच पर दौड़ते रहे वाहन 

लोहाली के पास हुए बस हादसे के बाद भले ही प्रशासन ने खैरना से काकड़ीघाट तक वाहनों की आवाजाही मंगलवार की शाम तक प्रतिबंधित कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद मंगलवार दोपहर बाद खैरना से काकड़ीघाट तक वाहन चालक जबरन वाहनों को दौड़ाते रहे।

एसडीएम प्रमोद कुमार ने भी माना कि प्रतिबंध के बावजूद खैरना से काकड़ीघाट तक वाहन चालक गाड़ियां दौड़ाते रहे। इधर, चौकी प्रभारी देवेंद्र नेगी ने वाहन चालकों से अपील की है कि वह एनएच में बरसात के दौरान जानमाल के खतरे से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें। 
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