अब तकनीकी फाल्ट को पकड़ने के लिए बिजली विभाग को बहुत मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। थर्मल इमेजिंग कैमरा से लाइनों और उपकरण की निगहबानी हो सकेेगी। मुख्यालय से मिले कैमरे से बृहस्पतिवार को ट्रांसपोर्ट नगर उपकेंद्र में डेमो किया गया।
पावर कारपोरेशन के ओर से भेजे गए कैमरे की खासियत ये है कि दस मीटर तक के तकनीकी फाल्ट का पता लग सकेगा। लाइन या ट्रांसफार्मर में तकनीकी फाल्ट होने पर कैमरे में पीले रंग की लाइट जलेगी और कोई फाल्ट न होने पर नीले रंग की लाइट जलेगी।
मुख्य अभियंता कुमाऊं एचके गुरुरानी ने बताया कि कैमरा इंप्रारेड रेडिएशन तकनीक से सेंस करके देख लेगा और फिर पिक्चर में तब्दील कर देगा। विद्युत लाइन में प्रयोग होने वाले कैमरे की कीमत साढ़े पांच लाख रुपये और उपसंस्थानों में प्रयोग होने वाले कैमरे की कीमत साढ़े तीन लाख रुपये है।
गुरुरानी ने बताया कि दो कैमरे अल्मोड़ा सर्किल, दो हल्द्वानी सर्किल और एक काशीपुर सर्किल को दिया जाएगा। दूसरी ओर अधीक्षण अभियंता शेखर त्रिपाठी के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को ट्रांसपोर्ट नगर उपकेंद्र पर कैमरे का डेमो किया गया। त्रिपाठी ने बताया कि कैमरे यूएसए टेक्नालॉजी के हैं। कैमरे से लाइन लास और फाल्ट आसानी से पता चल जाएगा। इस दौरान अधिशासी अभियंता परीक्षण खंड संतोष पांडे, हरीश जोशी, राधेश्याम आदि थे।