दीपावली के बाद अब अंतरिक्ष में आतिशबाजी शुरू हो गई है। इसका नजारा चार नवंबर की रात से देखा जा सकता है। सोमवार की रात टॉरिड्स उल्का बौछार अपने चरम पर उल्कापात के शानदार नजारे प्रस्तुत करेगी। इसी माह 17 नवंबर को भी लियोनिड्स उल्कापात चरम पर रहेगा। नवंबर में अंतरिक्ष में तमाम आकर्षक घटनाएं होने जा रही हैं।
17-18 को होगा लियोनिड्स उल्कापात...लियोनिड्स उल्कापात 17-18 नवंबर को अपने चरम पर पहुंचेगा और बेहतरीन नजारे दर्शाएगा।
15 को 8 फीसदी बड़ा, 14% ज्यादा चमकीला होगा चांद
15 नवंबर को पूर्णिमा पर वर्ष का अंतिम सुपरमून नजर आएगा। पृथ्वी और चांद की अधिकतम दूरी लगभग चार लाख छह हजार किमी के मुकाबले इस रात चांद 45000 किमी निकट आकर लगभग 4 लाख 61 हजार किमी की दूरी पर नजर आएगा जो सामान्य से 8 प्रतिशत बड़ा और 14 प्रतिशत ज्यादा चमकीला होगा।
16 नवंबर को मर्करी नजर आएगा बेहद चमकीला
16 नवंबर को सूर्यास्त के तुरंत बाद मर्करी यानी बुध ग्रह पश्चिमी आकाश में क्षितिज के ऊपर अपने उच्चतम बिंदु पर पहुंचकर बहुत चमकीला और नजदीक नजर आएगा। इस शाम इसे अधिक समय तक देखा जा सकेगा।
17 को यूरेनस निहारने का मौका आयेगा 60 करोड़ किमी नजदीक
पृथ्वी और यूरेनस के बीच की अधिकतम दूरी 3 अरब 20 करोड़ किलोमीटर होती है जबकि 17 नवंबर को यह 60 करोड़ किमी निकट आकर 2 अरब 60 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर नजर आएगा। इस रात यह नीला, हरा ग्रह पृथ्वी के सबसे करीब और सूर्य के प्रकाश से पूरी तरह से प्रकाशित होगा। इसे देखने का यह वर्ष का सर्वोत्तम समय होगा।