शिशु निकेतन, बाल गृह, बाल गृह किशोर-किशोरी और बालिका निकेतन में रहे रह बच्चों को अब हास्टल में रखा जाएगा। हास्टल में रखने से बच्चों की अच्छी पढ़ाई के साथ बेहतर देखरेख हो सकेगी। समाज कल्याण निदेशक विष्णु सिंह धानिक ने बताया कि प्रदेश में लगभग 168 शिशु निकेतन, बाल गृह, बाल गृह किशोर-किशोरी एवं बालिका निकेतन में प्रवास कर रहे हैं।
इनको बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए समाज कल्याण विभाग एवं जनजातीय कल्याण की ओर से संचालित विद्यालयों के हास्टल में रखा जाएगा। सोमवार को देर शाम सरकार ने इस आशय का आदेश जारी किया है। धानिक ने बताया कि बच्चों के हास्टल में रहने से अच्छी पढ़ाई हो सकेगी और उनकी देखभाल भी ठीक से होगी।
उक्त स्थानों से बाहर आकर खुले में रहने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा साथ ही एक-दूसरे से परिचित भी हो सकेंगे। अच्छी शिक्षा मिलने से भविष्य में बेहतर करने का जज्बा बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि बच्चों को हास्टल में शिफ्ट करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।